रायसेन किले से रमजान के दौरान दागी जाने वाली तोप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने किले की पहाड़ी पर पहुंचकरतोप का निरीक्षण किया और बिना NOC तोप चलाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शाम के बाद फिर से तोप चली, तो कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को नोटिस दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान प्रियंक कानूनगो ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से तोप चलाने के लिए जारी की गई NOC की कॉपी मांगी। मौके पर मौजूद विभाग के अधिकारी तोप चलाने को लेकर कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। कानूनगो ने कहा कि यह क्षेत्र वन विभाग के 100 मीटर दायरे में आता है और इसे टाइगर क्षेत्र भी माना जाता है। ऐसे में वन और पुरातत्व दोनों विभागों की अनुमति जरूरी है।कलेक्टर की अनुमति पर उठाए सवाल प्रियंक कानूनगो ने कहा कि कलेक्टर द्वारा तोप चलाने की दी गई अनुमति विधिसंगत नहीं है। उनके अनुसार कलेक्टर को जिस तरह के बैरल के लाइसेंस देने का अधिकार है, उसमें 70 एमएम या उससे बड़े तोप के बैरल का लाइसेंस शामिल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा लाइसेंस देने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) से अनुमति लेना अनिवार्य है।बारूद और सुरक्षा व्यवस्था की मांगी जानकारी कानूनगो ने कहा कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि तोप चलाने में किस प्रकार के केमिकल और बारूद का उपयोग किया जा रहा है। यह सामग्री कहां से प्राप्त हो रही है और तोप चलाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था क्या है, इसकी जानकारी भी देनी होगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस की मौजूदगी भी जरूरी है, लेकिन मौके पर यह सभी प्रक्रियाएं पूरी होती दिखाई नहीं दे रही हैं।भड़काऊ नारे लगाने की मिली थी शिकायत मानवाधिकार आयोग के सदस्य ने बताया कि उन्हें रायसेन से एक शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप था कि तोप चलाने के दौरान भड़काऊ नारे लगाए जाते हैं। हाल ही में कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा चलती तोप के साथ ईरान के समर्थन में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया। किले से रमजान के दौरान इफ्तार और सेहरी की सूचना देने के लिए तोप दागने की यह परंपरा करीब 200 साल पुरानी बताई जाती है।हिंदू संगठनों ने भी दिया था ज्ञापन वायरल वीडियो के बाद उपजे विवाद को लेकर दो दिन पहले रायसेन के कई हिंदू संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया था। संगठनों ने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपकर तोप चलाने की इस नवाबी परंपरा को बंद करने की मांग की थी। हिंदू संगठनों ने प्रशासन को इस संबंध में उचित कार्रवाई करने के लिए 7 दिन का समय दिया है। किशोर वर्मा (ईएमएस) रायसेन