राज्य
13-Mar-2026
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पटना, (ईएमएस)। जद (यू0) के प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार, प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम एवं मीडिया पैनलिस्ट डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने जारी बयान में कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने और खासकर गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने की दिशा में गंभीरता साथ काम कर रही है। राज्य सरकार ने निर्णय किया है कि आने वाले पांच वर्षों में बिहार में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की जाएगी, जिससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी, बल्कि लाखों गन्ना उत्पादक किसानों के लिए भी नई उम्मीद और नए अवसर पैदा होंगे। बिहार की अर्थव्यवस्था में चीनी उद्योग की ऐतिहासिक भूमिका रही है। एक समय बिहार देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में शामिल था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा और दूरदर्शिता की कमी के कारण यह महत्वपूर्ण क्षेत्र कमजोर होता चला गया। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार उसी विरासत को एक नई पहचान देने के लिए ठोस नीतिगत पहल कर रही है। राज्य सरकार द्वारा चीनी उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का निर्णय लिया गया है। नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए आवश्यक नीतिगत समर्थन, आधारभूत संरचना, भूमि, बिजली, लाॅजिस्टिक्स और अन्य औद्योगिक सुविधाओं के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बिहार निवेश के लिए एक आकर्षक और भरोसेमंद स्थान बन सके। यह केवल उद्योग लगाने की योजना नहीं है, बल्कि बिहार में रोजगार, उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक साथ मजबूत करने का व्यापक विजन है। चीनी मिलों के विस्तार से गन्ना किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा, समय पर भुगतान की व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, युवाओं को अपने राज्य में ही काम मिलेगा और पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। मुख्यमंत्री श्री नीतीश सरकार का यह प्रयास ‘न्याय के साथ विकास’ की अवधारणा को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा। बिहार में विकास की राजनीति केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे योजनाओं, नीतियों और परिणामों के जरिए धरातल पर उतारा जा रहा है। चीनी उद्योग के क्षेत्र में यह पहल आने वाले समय में बिहार की औद्योगिक तस्वीर बदलने का काम करेगी। यह निर्णय किसानों, मजदूरों, युवाओं और उद्यमियों सभी के हित में है और राज्य को आत्मनिर्भर औद्योगिक ढांचे की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। संतोष झा- १३ मार्च/२०२६/ईएमएस