राज्य
13-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। रॉउज एवन्यू कोर्ट ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एफआईआर का आदेश देना उचित नहीं है। नार्थ ईस्ट दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में रॉउज एवन्यू कोर्ट ने दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इस स्तर पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश देना उचित नहीं है। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि 2020 के नॉर्थ ईस्ट दिल्ली दंगों के दौरान कथित भूमिका को लेकर कपिल मिश्रा और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। याचिका में आरोप लगाया गया था कि 23 फरवरी 2020 को कर्दमपुरी इलाके में कपिल मिश्रा और कुछ अन्य लोग सड़क जाम कर रहे थे और रेहड़ी-पटरी वालों के ठेले तोड़ रहे थे। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि उस समय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद थे। हालांकि सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि दंगों से जुड़े मामलों में पहले ही व्यापक जांच की जा चुकी है और उपलब्ध रिकॉर्ड में कपिल मिश्रा की भूमिका का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि दंगों के संबंध में दर्ज सैकड़ों एफआईआर में भी उनका नाम सामने नहीं आया। बता दें कि दिल्ली दंगे फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए थे, जिसमें 53 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए थे। दंगा एक सप्ताह तक चलता रहा। इस दौरान बड़े पैमाने पर आगजनी और हिंसा की घटनाएं हुईं। बाद में पुलिस ने दंगे में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और बड़े पैमाने पर आरोपपियों की गिरफ्तारी की। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/13/मार्च/2026