अमरावती (ईएमएस)। आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले के कोंडापल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने एक गुप्त अलप्राज़ोलम निर्माण संयंत्र पकड़ा है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस छापेमारी में 237 किलोग्राम अलप्राज़ोलम जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 47 करोड़ रुपए है। इस अभियान का कोड नाम “ऑपरेशन व्हाइट हैमर” रखा गया था। जांच में पता चला कि यह पूरी तरह से कार्यशील औद्योगिक सेटअप रासायनिक निर्माण इकाई के आड़ में छिपा था। अधिकारियों ने 800 किलोग्राम से अधिक कच्चा माल, 2,860 लीटर विभिन्न रसायन और औद्योगिक उपकरण जैसे रिएक्टर, ड्रायर और सेंट्रीफ्यूज जब्त किए। जांच में यह सामने आया कि ऑपरेशन को रसायन और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में 20 साल से अधिक अनुभव वाले एक रसायनज्ञ द्वारा संचालित किया जा रहा था। वह हैदराबाद में कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले सहयोगी के साथ मिलकर कार्य कर रहा था। दोनों कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने अवैध अलप्राज़ोलम उत्पादन के लिए फैक्ट्री परिसर किराए पर लिया था। वर्तमान वित्त वर्ष में डीआरआई ने खुफिया आधारित अभियानों के जरिए आठ गुप्त दवा निर्माण इकाइयों को ध्वस्त किया है, जो सरकार के नशामुक्त भारत अभियान और समाज को नार्कोटिक और साइकोट्रॉपिक पदार्थों से सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके पहले फरवरी में असम राइफल्स और डीआरआई ने संयुक्त अभियान में मेथामफेटामाइन टैबलेट्स जब्त किए थे, जिसकी कीमत 45 करोड़ रुपए से अधिक थी और त्रिपुरा में एक ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया गया था। इस तरह की कार्रवाईयां देश में अवैध नशीले पदार्थों की आपूर्ति और वितरण पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आशीष दुबे / 13 मार्च 2026