नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली के गुरुद्वारों में चलने वाली लंगर सेवा पर संकट के हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने केंद्र सरकार से गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि गुरुद्वारों में लंगर सेवा जारी रह सके। डीएसजीएमसी समिति ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। डीएसजीएमसी का कहना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण गैस एजेंसियों ने सिलेंडरों की आपूर्ति में कमी की है, जिससे गुरुद्वारों में भोजन पकाने की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। दिल्ली के कई ऐतिहासिक और प्रमुख गुरुद्वारों में हर दिन हजारों श्रद्धालुओं, गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन कराया जाता है। लंगर सेवा सिख धर्म की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जो समानता, सेवा और भाईचारे का प्रतीक मानी जाती है। ऐसी स्थिति में यदि गैस सिलेंडरों की उपलब्धता बाधित होती है तब भोजन बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमित सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने केंद्रीय मंत्री से अपील की है कि वे संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि गुरुद्वारों को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो सके। उन्होंने कहा कि लंगर सेवा किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं बल्कि सामाजिक सेवा और सद्भाव का भी प्रतीक है। वहीं मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ती जा रही है। भारत में भी गैस सिलेंडरों की मांग अचानक बढ़ गई है। सरकार के अनुसार प्रतिदिन करीब 25 लाख अधिक सिलेंडरों की बुकिंग हो रही है। सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने और गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों को सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। आशीष दुबे / 13 मार्च 2026