राज्य
14-Mar-2026
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मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र के उधोग मंत्री उदय सामंत ने विधानसभा में बताया कि मुंबई महानगरपालिका के फिक्स्ड डिपॉजिट 2022 में 91,000 करोड़ रुपये था जो घटकर 81,000 करोड़ रुपये हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मीठी नदी में गाद (सिल्ट) हटाने के काम में अब तक करीब 65 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है, और आगे की जांच चल रही है। मीठी में सिल्ट हटाने का काम 2012 में मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरणा ने महानगरपालिका को सौंपा था। इसके बाद हुई जांच में 65 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया। काम पूरा होने के सबूत के तौर पर जमा की गई करीब 3.5 लाख तस्वीरों की जांच चल रही है, और 2 लाख तस्वीरों को स्कैन किया गया है। कई जगहों पर यह दिखा कि नदी से सिल्ट हटाने के लिए एक ही डंपर और ट्रैक्टर का बार-बार इस्तेमाल किया गया, इसलिए घोटाले का शक है। सामंत ने बताया कि जांच एजेंसियों ने कहा है कि बाकी तस्वीरों को स्कैन करने में कुछ और समय लगेगा। मंत्री सामंत ने 1,200 करोड़ रुपये के स्ट्रीट फर्नीचर प्रोजेक्ट में गड़बड़ियों के आरोपों का भी ज़िक्र किया। सामंत ने यह भी कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण और बैरिकेडिंग के कामों में गड़बड़ी का शक है, और सरकार ने इस बारे में 380 करोड़ रुपये का अगला टेंडर प्रपोज़ल कैंसिल कर दिया है। उन्होंने यह भी साफ़ किया कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और जानकारी सामने आएगी। मीठी नदी घोटाला प्रकरण में अब तक बारह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मंत्री सामंत ने सदन से कहा, “हम अभी और जानकारी नहीं देना चाहते लेकिन सभी जानते हैं कि केतन कदम कौन है और उसके कितने नाइट बार हैं। हम अभी सैंटिनो मोरे के बारे में भी बात नहीं कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद घोटाले की और जानकारी सामने आएगी।” स्वेता/संतोष झा- १४ मार्च/२०२६/ईएमएस