खेल
14-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। आगामी इंडियन प्रीमीयर लीग (आईपीएल) सीजन से पहले क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने दिल्ली कैपिटल की टीम का विस्तृत विश्लेषण करते हुए कहा है कि इस बार फ्रेंचाइजी के पास बेहद संतुलित और मजबूत स्क्वॉड मौजूद है। पिछले 18 वर्षों से आईपीएल ट्रॉफी का इंतजार कर रही दिल्ली की टीम को लेकर चोपड़ा का मानना है कि प्रबंधन ने इस बार टीम चयन में लगभग कोई कमी नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि अगर इतनी मजबूत टीम के बावजूद भी दिल्ली खिताब नहीं जीत पाती है, तो फ्रेंचाइजी को अपने फैसलों और रणनीतियों पर गंभीरता से आत्ममंथन करना पड़ेगा। चोपड़ा ने याद दिलाया कि दिल्ली 2020 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन अब तक खिताब से दूर रही है। दिल्ली की सबसे बड़ी ताकत उनकी स्पिन गेंदबाजी को माना जा रहा है। चोपड़ा के अनुसार टीम का असली ‘इंजन रूम’ उसका स्पिन आक्रमण है, जिसमें अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और विप्रज निगम जैसे विकल्प शामिल हैं। कुलदीप यादव को लेकर उन्होंने कहा कि अगर लीग के शीर्ष स्पिनरों की सूची बनाई जाए तो उसमें कुलदीप का नाम जरूर होगा। चोपड़ा ने उन्हें बेहद चतुर और प्रभावी गेंदबाज बताया, जो बल्लेबाजों को पढ़ने में माहिर हैं। वहीं अक्षर पटेल की ऑलराउंड क्षमता और लेग स्पिन विकल्प टीम को विविधता प्रदान करते हैं, जिससे दिल्ली का स्पिन विभाग किसी भी बल्लेबाजी क्रम को मुश्किल में डाल सकता है। बल्लेबाजी की बात करें तो टीम के पास केएल राहुल के रूप में एक भरोसेमंद ओपनर मौजूद है। चोपड़ा का मानना है कि राहुल को उनके स्वाभाविक अंदाज में खेलने की पूरी छूट दी जानी चाहिए, क्योंकि वह टीम के लिए 500 से 600 रन का मजबूत आधार तैयार कर सकते हैं। उनके अनुसार अन्य बल्लेबाजों को राहुल के इर्द-गिर्द आक्रामक भूमिका निभानी चाहिए। टीम ने मध्यक्रम को मजबूत करने के लिए नीतिश राणा को भी शामिल किया है, जबकि डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और पृथ्वी शॉ जैसे विस्फोटक बल्लेबाज टीम को मजबूत बल्लेबाजी क्रम प्रदान करते हैं। हालांकि चोपड़ा ने टीम की तेज गेंदबाजी को थोड़ा कमजोर पक्ष भी बताया है। उनके अनुसार भारतीय तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन कुछ हद तक अनिश्चित नजर आता है। टी नटराजन की फिटनेस और मुकेश कुमार की कभी-कभी महंगी गेंदबाजी चिंता का कारण बन सकती है। इसके अलावा कश्मीर के युवा गेंदबाज आकिब नबीदार पर टीम ने बड़ा दांव खेला है, लेकिन वह इस स्तर पर अभी पूरी तरह परखे नहीं गए हैं। चोपड़ा का मानना है कि टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही प्लेइंग इलेवन तय करने और पूरे सीजन उसी संतुलन को बनाए रखने की होगी। चोपड़ा के मुताबिक दिल्ली कैपिटल्स के पास इस बार शीर्ष चार में जगह बनाने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि हेमंत बदानी, वेणुगोपाल राव और मुनाफ पटेल जैसे अनुभवी भारतीय कोचिंग स्टाफ की मौजूदगी टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कप्तान की रणनीति, खिलाड़ियों की फिटनेस और थोड़े से भाग्य के सहारे दिल्ली कैपिटल्स आखिरकार अपना पहला आईपीएल खिताब जीत पाती है या नहीं। दिल्ली कैपिटल्स की टीम : अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, कुलदीप यादव, ट्रिस्टन स्टब्स, मिचेल स्टार्क, डेविड मिलर, टी. नटराजन, नितीश राणा, पृथ्वी शॉ, मुकेश कुमार, आकिब नबी, बेन डकेट, आशुतोष शर्मा, पथुम निसांका, अभिषेक पोरेल, लुंगी एंगिडी, काइल जैमीसन, समीर रिजवी, दुष्मंथा चमीरा, करुण नायर, विपराज निगम, माधव तिवारी, अजय मंडल, साहिल पारख, त्रिपुराना विजय। डेविड/ईएमएस 14 मार्च 2026