जालंधर (ईएमएस)। कनाडा में सिखों ने एक गुरुद्वारा बेच दिया। लेकिन रोचक तथ्य ये हैं कि इस बनाने, खरीदने और बेचने वाली तीनों पार्टियां सिख हैं। गुरुद्वारा बेचने का ये दावा पाठी ने 3-4 मार्च को श्री आनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला समागम में किया। इससे जुड़ा वीडियो अब ये तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया गया है कि गुरुद्वारा 3 मिलियन डॉलर यानी 25 करोड़ रुपए में बेचा गया है। इस बारे में पाठी ने कहा कि सिख धर्म में आज क्या हो रहा है किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने सिख संगत से पूछा कि क्या कभी आपने सुना है कि कभी गुरुघर भी बिका है। ये पहला मामला है जब कनाडा में गुरुद्वारा बेचा गया है। पाठी के दावे के अनुसार गुरुद्वारा बनाने वाले भी सिख हैं और खरीदने वाले भी सिख समाज के ही है। वीडियो में कहा गया हैं कि गुरुघर इसलिए खरीदा गया कि बिजनेस अच्छा होगा। क्योंकि इस गुरुघर में संगत बड़ी संख्या में माथा टेकने के लिए पहुंचती है। पाठी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से सिख समाज के प्रति गलत मैसेज जाता है। अगर गुरुघर नहीं संभाला जा रहा था, तब प्रबंधन गुरुघर को संगत के हवाले कर देते। गुरु की संगत में इतनी हिम्मत है कि वह गुरुद्वारे का प्रबंधन संभाल सकती थी। सोशल मीडिया में वायरल वीडियों की सच्चाई पर भी सवाल खड़े हो रहे है। वीडियो में सुना जा सकता हैं कि पाठी ने कहा सिख संगत जी कनाडा की धरती पर यह क्या हो गया। कभी इंडिया में यह सुना है कि गुरुद्वारे बिकते हैं या गुरुद्वारों का बिजनेस पर्पज के लिए इस्तेमाल हो रहा है। क्या कभी किसी ने यह बात सुनी है कि गुरु के घर बेचे जाते हों। इससे भी बड़ी बात ये कि बेचने वाले भी सिख हैं और खरीदने वाले भी सिख। पाठी ने कहा बनाने वालों ने सिखों से पैसा इकट्ठा किया। उन लोगों का पैसा लिया गया जिन्होंने विदेशी धरती पर पेट काटकर बचत की। वे अपनी श्रद्धा से एक-एक पाई देकर महाराज जी का दरबार बनाते रहे। कुछ लोगों ने संगत की आस्था के साथ खिलवाड़ किया। गुरुघर बनकर तैयार हुआ, तब कुछ लोगों ने गुरुघर को 3 मिलियन में बेच दिया। पाठी ने कहा कि गुरुघर को खरीदने वाले भी उतने ही जिम्मेदार हैं और बेचने वाले भी। किसी ने इनसे ये सवाल नहीं पूछा कि तू जो ढाई-तीन मिलियन का गुरुद्वारा बेचकर आया है, वह पंथ का पैसा तूने कहां लगाया। अगर तुझसे प्रबंध नहीं संभल रहा था, तब भाई उसे संगत के हवाले करता। आशीष दुबे / 14 मार्च 2026