क्षेत्रीय
15-Mar-2026
...


- एएनएम संवर्ग ने सिंधिया को सौंपा ज्ञापन नर्सिंग कैडर में वापसी और वेतन विसंगति दूर करने की मांग गुना (ईएमएस)।जिला अस्पताल में रविवार को निरीक्षण के लिए पहुंचे केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को संयुक्त ए.एन.एम. एसोसिएसन (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संघ ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि 1950 से स्वास्थ्य विभाग की आधारस्तंभ मानी जाने वाली एएनएम बहने आज उपेक्षा और भेदभाव का शिकार हो रही हैं। मैदानी स्तर पर संघर्ष, लेकिन सम्मान में पक्षपात सिंधिया को सौंपे गए ज्ञापन में जिला अध्यक्ष उमा वर्मा और सचिव आत्मा दुबे ने उल्लेख किया कि जनजातीय, दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य से लेकर सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों का संचालन केवल ए.एन.एम. द्वारा ही किया जाता है। देश को पोलियो, चेचक और खसरा जैसी बीमारियों से मुक्त कराने में इस संवर्ग की भूमिका अहम रही है। विशेषकर कोविड महामारी के दौरान जब दुनिया घरों में कैद थी, तब इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने करोड़ों लोगों का टीकाकरण कर अपनी जान जोखिम में डाली। इसके बावजूद, जब सम्मान और प्रोत्साहन राशि की बात आती है, तो इस कैडर को नजरअंदाज कर दिया जाता है। नर्सिंग कैडर में वापसी और नियमितीकरण संघ ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं। पहली मांग ए.एन.एम. को पुन: नर्सिंग कैडर में शामिल करने की है, क्योंकि प्रसव से लेकर टीकाकरण तक के सभी कार्य उनके द्वारा ही किए जाते हैं। दूसरी, वर्षों से लंबित वेतन विसंगति को दूर कर ग्रेड-पे 3400 करने की मांग की गई है। तीसरी प्रमुख मांग शिक्षा विभाग की तर्ज पर संविदा में कार्यरत ए.एन.एम. का संविलियन कर उन्हें नियमित कर्मचारी की भांति सुविधाएं देने की है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संगठन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। इस दौरान संघ ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाएं जैसे मातृवंदना और आयुष्मान कार्ड को जमीनी स्तर पर वे ही सफल बनाती हैं, अत: उनके साथ हो रहा मानसिक और आर्थिक पक्षपात अब बंद होना चाहिए। - सीताराम नाटानी