ग्वालियर ( ईएमएस ) | बकाया राजस्व जमा न करने वाले लोगों की जमीन व अन्य अचल सम्पत्तियां कुर्क कर नीलामी की कार्रवाई करें। साथ ही खसरे के कॉलम नं.-12 में संपत्ति कुर्क करने संबंधी जानकारी दर्ज करें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने गूगल मीट के जरिए जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को दिए। उन्होंने डायवर्सन शुल्क, खनिज वसूली, रैरा व फूड सेफ्टी अधिनियम के तहत की जाने वाली वसूली की तहसीलवार समीक्षा की। साथ ही प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर अगले 15 दिनों तक वसूली के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश सभी राजस्व अधिकारियों को दिए। रविवार को हुई गूगल मीट में अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम व एडीएम श्री सी बी प्रसाद सहित जिले के एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार व अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए। गूगल मीट के माध्यम से कलेक्टर श्रीमती चौहान ने निर्देश दिए कि वसूली की कार्रवाई विधिवत नोटिस तामील कराकर करें। साथ ही बार-बार आगाह करने के बाबजूद जिन बड़े बकायदारों द्वारा बकाया राजस्व जमा नहीं किया जा रहा है, उनके नाम सार्वजनिक करें और विधिवत अचल सम्पत्ति नीलाम कर वसूली की जाए। उन्होंने खनिज वसूली की समीक्षा के दौरान कहा कि बकायादारों की अचल सम्पत्ति नीलाम करने के साथ-साथ बकायादारों के वाहन भी नीलाम किए जाएं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने रैरा एक्ट के तहत विभिन्न बिल्डर्स से की जा रही वसूली की समीक्षा के दौरान जोर देकर कहा कि जिन बिल्डर्स द्वारा जानबूझकर बकाया जमा करने में देरी की जा रही है, उनके खिलाफ विधिवत वारंट जारी कर जेल भेजने की कार्रवाई भी की जाए। साथ ही अचल सम्पत्ति को विधिवत नीलाम कर पैसा वसूल करें। यह भी निर्देश दिए गए कि बाहर के जिन बड़े बिल्डर्स की अचल सम्पत्ति ग्वालियर में बिक्री से शेष नहीं बची है उनसे वसूली के लिये संबंधित जिले के कलेक्टर को उचित माध्यम से पत्र लिखकर वसूली की कार्रवाई कराएं। गूगल मीट में कलेक्टर ने कहा कि खसरे के कॉलम नं.-12 में अवैध कॉलोनी लिखी होने के बाबजूद अचल सम्पत्ति की रजिस्ट्री न होने पाए, इसके लिये जिला पंजीयक व उप पंजीयक के साथ-साथ सर्विस प्रोवाइडर की जवाबदेही तय करें। सभी तहसीलदार इस पर नजर रखें और पंजीयन कार्यालय को विधिवत रूप से सूचित करते रहें। जिन सर्विस प्रोवाइडर द्वारा जानबूझकर खसरे के कॉलम नं.-12 में अवैध कॉलोनी या कुर्क सम्पत्ति लिखी होने के बावजूद रजिस्ट्री के लिये दस्तावेज तैयार किए जाएं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। खाद्य पदार्थ प्रयोगशाला में नमूने अमानक पाए जाने पर जिन फर्मों के ऊपर अर्थदण्ड लगाया गया है, उनसे सख्ती से वसूली करने पर भी कलेक्टर ने विशेष बल दिया। उन्होंने कहा ऐसी फर्मों के प्रतिष्ठानों को सील्ड कर विधिवत वसूली की कार्रवाई की जाए। अपर जिला दण्डाधिकारी श्री सी बी प्रसाद ने बैठक में जानकारी दी कि फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कुल 2 करोड़ रुपए की वसूली की जाना है, इसमें से 47 लाख रुपए की वसूली कर ली गई है।