ज़रा हटके
16-Mar-2026
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-क्लस्टर बम और लगातार हमलों से इजरायल की रक्षा प्रणाली पर दबाव वाशिंगटन,(ईएमएस)। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच एक नई चिंता सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि इजरायल के पास बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर तेजी से कम होते जा रहे हैं। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और युद्ध की दिशा को लेकर नई बहस छिड़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने अमेरिका को संकेत दिया है कि मौजूदा संघर्ष में लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के कारण उसकी लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव पड़ रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है, कि जब इजरायल इस युद्ध में उतरा, तब भी उसके पास इंटरसेप्टर की संख्या पहले से कम थी। पिछले वर्ष ईरान के साथ हुए संघर्ष में इनका काफी इस्तेमाल हो चुका था, जिससे मौजूदा भंडार सीमित रह गया। ईरान की ओर से लगातार हो रहे मिसाइल हमलों ने इजरायल की सुरक्षा प्रणाली को चुनौती दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान अब अपनी मिसाइलों में क्लस्टर म्यूनिशन का इस्तेमाल भी कर रहा है। क्लस्टर बम ऐसे हथियार होते हैं जिनमें एक मिसाइल के अंदर कई छोटे-छोटे बम भरे होते हैं। आसमान में फटने के बाद ये बड़े क्षेत्र में फैलकर गिरते हैं, जिससे इन्हें रोकना और भी मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक क्लस्टर बम में करीब 5 किलोग्राम तक विस्फोटक होता है और एक मिसाइल में सामान्यतः लगभग 24 छोटे बम हो सकते हैं। वहीं ईरान की खोर्रमशहर मिसाइल में यह संख्या 80 तक बताई जा रही है। ऐसे हमले 8 से 10 किलोमीटर तक के क्षेत्र में असर डाल सकते हैं और इनका कोई निश्चित लक्ष्य नहीं होता, इसलिए रिहायशी इलाके, सड़कें, पार्क और कारोबारी क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें कई महीनों से अंदेशा था कि इजरायल के पास इंटरसेप्टर की कमी हो सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के अपने हथियार भंडार में फिलहाल किसी तरह की कमी नहीं है और वह क्षेत्र में अपने सैन्य ठिकानों व सैनिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है। इसी बीच अमेरिका ने इजरायल को 12,000 बम बेचने की मंजूरी भी दे दी है। इस सौदे को आपात स्थिति का हवाला देते हुए अमेरिकी प्रशासन ने कांग्रेस की मंजूरी के बिना ही स्वीकृत कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष ईरान के साथ 12 दिन चले युद्ध में अमेरिका ने 150 से अधिक थाड इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया था, जो उस समय उसके कुल भंडार का लगभग एक चौथाई माना गया था। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान के हमले इसी तरह जारी रहे तो इजराइल को अपनी रक्षा रणनीति में नए विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं। हिदायत/ईएमएस 16 मार्च 2026