राष्ट्रीय
16-Mar-2026
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-ओम बिरला ने सांसदों को लिखा पत्र, संसद में बैनर-प्लेकार्ड और आचरण पर जताई चिंता नई दिल्ली,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को निजी स्वार्थ से प्रेरित बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पीकर बिरला को लिखे एक पत्र में कहा कि कुछ लोग लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपने संकीर्ण दायरे में सीमित रखने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यह पत्र उस प्रस्ताव के खारिज होने के कुछ दिन बाद सामने आया है, जिसे कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने स्पीकर को पद से हटाने के लिए पेश किया था। 11 मार्च को सदन में ध्वनिमत से यह प्रस्ताव खारिज हो गया था। विपक्ष के 119 सांसदों ने आरोप लगाया था कि लोकसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपात कर रहे हैं और विपक्ष को बोलने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा। अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रस्ताव गिरने के बाद स्पीकर का वक्तव्य लोकतांत्रिक मर्यादा की संतुलित और गहरी व्याख्या था। उन्होंने लिखा कि लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले नागरिकों ने भी महसूस किया कि इस प्रस्ताव के पीछे निजी स्वार्थ और अहंकार की भावना काम कर रही थी। संसदीय गरिमा बनाए रखें: बिरला इधर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सभी सांसदों को एक पत्र लिखकर संसद की गरिमा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संसद में उठने वाली हर आवाज देश के 140 करोड़ नागरिकों की आशाओं, आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। स्पीकर ने पत्र में चिंता जताते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से कुछ सदस्य संसद के भीतर और बाहर उसकी गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से सदन में बैनर, प्लेकार्ड और तख्तियों के प्रदर्शन तथा अनुचित शब्दों के प्रयोग को चिंता का विषय बताया। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सांसदों के आचरण को पूरा देश देखता है, इसलिए सभी दलों और सदस्यों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा बनाए रखने के लिए आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद में उच्च नैतिक मानदंड और जिम्मेदार व्यवहार सुनिश्चित करने की अपील की है। हिदायत/ईएमएस 16मार्च26