मुम्बई (ईएमएस)। भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव अपने कुशल कप्तानी के लिए चर्चाओं में बने हुए हैं। अब तक उनकी कप्तानी में भारतीय टीम की जीत का रिकार्ड सबसे अच्छा रहा है। इसके पीछे एक बड़ा कारण सूर्यकुमार के शांत स्वभाव को भी माना जाता है, चाहे टीम से कोई गलती ही क्यों न हो जाए वह भड़कते नहीं है। इस पर उन्होंने बताया कि उन्होंने यह तरीका पूर्व कप्तान रोहित शर्मा से सीखा है। सूर्या ने कहा कि जब वह रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलते थे, तब उन्होंने देखा कि रोहित की प्रतिक्रिया हर परिस्थिति में एक जैसा रहती थी। वह गुस्सा करने के बजाय स्थिति को शांत तरीके से संभालते थे।सूर्यकुमार यादव का मानना है कि कप्तान का काम खिलाड़ियों पर दबाव बनाना नहीं बल्कि उन्हें आत्मविश्वास देना होता है।उन्होंने कहा कि कोई भी खिलाड़ी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता या खराब गेंद नहीं डालता। हर खिलाड़ी टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता है। अगर गलती हो जाती है तो कप्तान और टीम का काम उसे सुधारने में मदद करना होता है। हालांकि सूर्यकुमार ने साफ किया कि वह व्यक्तिगत आंकड़ों या रिकॉर्ड पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। उनके मुताबिक असली महत्व टीम की जीत का होता है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी खेल में हारना पसंद नहीं है और यही सोच टीम के बाकी खिलाड़ियों में भी दिखाई देती है। सूर्या का मानना है कि जब पूरी टीम एक ही लक्ष्य और सोच के साथ मैदान पर उतरती है, तभी ऐसे शानदार परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। सूर्या की कप्तानी में टीम ने कुल 52 मैच खेले हैं, जिनमें से 42 मुकाबलों में जीत हासिल की है। भारत को सिर्फ 8 मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 2 मुकाबले बिना किसी परिणमा के समाप्त हुए। इस तरह टीम का जीत प्रतिशत 80 फीसदी से भी अधिक है। टी20 जैसे फॉर्मेट में इतना प्रभावशाली रिकॉर्ड किसी भी कप्तान के लिए बेहतरीन माना जाता है। गिरजा/ईएमएस 17 मार्च 2026