- अर्टिगा कार ने मारी थी टक्कर; अज्ञात चालक पर केस दर्ज गुना (ईएमएस)। बमोरी स्वास्थ्य केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर रवि अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। अब तक जिसे महज एक संदिग्ध हादसा माना जा रहा था, वह चश्मदीदों के बयान के बाद हिट एंड रन का मामला निकला है। कैंट थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात अर्टिगा कार चालक के खिलाफ धारा 106(1) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पत्नी की सक्रियता और चश्मदीदों के बयान से खुला राज जांच अधिकारी अरुन्धति राजावत ने बताया कि मर्ग जांच के दौरान मृतक की पत्नी मधु अग्रवाल ने दो चश्मदीद गवाहों के बारे में जानकारी दी थी। गवाह अभिषेक किरार ने पुलिस को बताया कि 30 जनवरी की रात करीब 8 बजे नेगमा रोड पर एक सफेद रंग की अर्टिगा कार (MP07AH6783) ने तेजी और लापरवाही से चलाते हुए रवि की मोटरसाइकिल को कट मारा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रवि सड़क किनारे नीचे जा गिरे। हेलमेट पहने होने के कारण गवाहों को लगा कि चोट कम आई होगी और वे जल्दी में होने के कारण रुके नहीं। बाद में जब मृतक की पत्नी उनके गांव पहुंची, तब उन्हें असलियत का पता चला। पीएम रिपोर्ट में कोमा बनी मौत की वजह रवि अग्रवाल का शव 31 जनवरी को भावपुर गांव के पास सड़क किनारे मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मृत्यु का कारण कोमा में जाना बताया गया है। परिजनों ने पहले ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। अब चश्मदीदों द्वारा कार का नंबर उपलब्ध कराए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी चालक की तलाश तेज कर दी है। इस खुलासे के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।।- सीताराम नाटानी