राज्य
18-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली के रूप नगर में मंगरवार को 60 फीट लंबा पुल ढहने से एक महिला भिखारी की मौत हो गई। गनीमत रही कि हादसा स्कूल शुरू होने के एक घंटे बाद हुआ, जिससे सैकड़ों छात्र बाल-बाल बच गए। जर्जर बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक लापरवाही पर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। राजधानी दिल्ली के रूप नगर इलाके में मंगलवार को 60 फीट ऊंचा लोहे का पुल गिरने से एक महिला की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि हादसा सुबह 9:30 बजे हुए। ये पुल 4 स्कूलों की तरफ जाने का एक रास्ता भी था। रोजाना सैकड़ों छात्र इस पुल को पार करके स्कूल के लिए जाते थे। मंगलवार को भी छात्र वहां से गुजरे, मगर गनीमत ये रही कि जब छात्र गुजरे तब 8 से 8:30 का समय था। अगर ये पुल एक घंटे पहले गिरता को कई बच्चों की जान भी जा सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय के इस छोटे से अंतराल ने दिल्ली को एक बड़ी त्रासदी देखने से बचा लिया। चश्मदीदों के अनुसार, जब पुल टूटा, उस वक्त एक महिला वहां से गुजर रही थी। पुल के साथ ही वह गहरे नाले में जा गिरी। स्थानीय लोगों और दमकल विभाग ने काफी मशक्कत के बाद मलबे से महिला का शव निकाला। मृतका की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई गई, जो भीख मांगकर अपना गुजारा करती थी। एक युवक ने कहा- प्रशासन की लापरवाही ने इस पुल को डेथ ट्रैप बना दिया था। आज सैकड़ों परिवारों के चिराग बुझ सकते थे, लेकिन भगवान का शुक्र है कि बच्चे स्कूल के अंदर जा चुके थे। हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि पुल जर्जर स्थिति में था, फिर भी इसकी मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया। दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं और मलबे को हटाने का काम किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। दिल्ली में बुनियादी ढांचे की विफलता का यह पहला मामला नहीं है। इसी साल फरवरी में पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड के एक खुले गड्ढे में गिरने से एक मोटरसाइकिल सवार की जान चली गई थी। वो युवक करीब 12 घंटे तक गड्ढे में पड़ा रहा था, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। रूप नगर की इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली के पुराने ढांचों की मजबूती और रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/18/मार्च /2026