नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली एम्स में हरीश राणा की गरिमापूर्ण मृत्यु सुनिश्चित करने हेतु मेडिकल बोर्ड में मनोचिकित्सकों सहित सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कुछ सपोर्ट सिस्टम हटाए गए हैं, उनकी हालत स्थिर है। वहीं उनके अंगदान को लेकर डॉक्टरों में संशय है क्योंकि उनके अंगों की स्थिति सही नहीं है। दिल्ली एम्स के पैलिएटिव केयर यूनिट में एडमिट हरीश राणा के मेडिकल बोर्ड में सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक पहले इस बोर्ड में पांच सदस्य थे जिसे बढ़ाकर अब दस कर दिया गया है। इसमें खासकर मनोचिकित्सकों की टीम को जोड़ा गया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरीश के गरीमामयी मौत की प्रक्रिया के तहत उसके कुछ सपोर्ट सिस्टम को हटा लिया गया है। हरीश राणा पैलेटिव केयर यूनिट में हैं। वहां फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। फिलहाल उन्हें किसी भी तरह का वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम नहीं दिया गया है। उन्हें इलाज के नाम पर कुछ दवाइयां दी जा रही है जिसमें ब्रेन से संबंधित प्रमुख दवा है, सूत्रों के मुताबिक उनका न्यूट्रिशन सपोर्ट सिस्टम हटा लिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हरीश राणा के अंगों की स्थिति बहुत सही नहीं है। ऐसे में शरीर का कौन सा अंग क्या किसी अन्य को दिया जा सकता है अथवा नहीं इस पर संशय है। डॉक्टरों की टीम इस पर गहन जांच कर रही है कि क्या इनके शरीर के अंग दान करने की स्थिति में है भी या नहीं। दरअसल हरीश के माता-पिता ने अपने बेटे की मौत के बाद उनके अंगों के दान का फैसला लिया था, ताकि जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिल सके। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/18/मार्च /2026