क्षेत्रीय
18-Mar-2026
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गुना (ईएमएस)। जिला शिक्षा केंद्र गुना में लंबे समय से व्याप्त अव्यवस्थाओं और पद के दुरुपयोग के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। ग्वालियर संभाग के कमिश्नर मनोज खत्री ने गुना कलेक्टर के कड़े प्रतिवेदन पर संज्ञान लेते हुए जिला परियोजना समन्वयक (DPC) ऋषि कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीपीसी पर निर्माण कार्यों की राशि रोकने, गंभीर वित्तीय अनियमितता बरतने और शासकीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही के आरोप सिद्ध पाए गए हैं। ​16 महीने तक दबाए रखे चेक, निर्माण कार्यों में बरती लापरवाही ​प्रशासनिक जांच में सामने आया कि डीपीसी ऋषि शर्मा ने स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए स्वीकृत राशि जारी करने में भारी विलंब किया। कलेक्टर द्वारा मार्च 2025 में 47 स्कूलों के लिए बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन डीपीसी ने लगभग 3 महीने बाद केवल 16 एजेंसियों के चेक तैयार किए। सबसे चौंकाने वाला मामला माध्यमिक शाला मृगवास और प्राइमरी स्कूल सालराखेड़ी का रहा, जहां दूसरी किश्त की स्वीकृति मार्च 2024 में मिल चुकी थी, लेकिन डीपीसी ने 16 महीने की देरी के बाद जुलाई 2025 में चेक प्रस्तुत किए। इस जानबूझकर की गई देरी को वित्तीय अनियमितता और विकास कार्यों में बाधा माना गया है। ​निरीक्षण से दूरी और बिना सूचना कार्यालय से गायब ​कलेक्टर के प्रतिवेदन में इस बात का भी उल्लेख है कि डीपीसी द्वारा स्कूलों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा था। इस प्रशासनिक शिथिलता के कारण शिक्षा विभाग की छवि लगातार धूमिल हो रही थी और नकारात्मक खबरें सुर्खियों में बनी रहीं। इसके अलावा, ऋषि शर्मा कई दिनों तक बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अपने मुख्यालय से नदारद रहे, जिसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया है। ​स्थानांतरण में मनमानी और नियमों की अनदेखी ​डीपीसी पर केवल वित्तीय ही नहीं, बल्कि प्रक्रियात्मक गड़बड़ी के भी आरोप हैं। उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर सहायक वार्डन का स्थानांतरण कर दिया। इस आदेश को जारी करते समय उन्होंने कलेक्टर द्वारा अनुमोदित टीप को स्वयं के हस्ताक्षर से जारी कर दिया, जो कि पदीय मर्यादा का उल्लंघन है। इन तमाम बिंदुओं के आधार पर कलेक्टर की अनुशंसा पर कमिश्नर ने निलंबन की कार्रवाई कर विभाग में हड़कंप मचा दिया है।- सीताराम नाटानी