राष्ट्रीय
18-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। नई दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में हाल के दिनों में सांप्रदायिक तनाव तेजी से बढ़ा है,इससे स्थानीय निवासियों, खासकर अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। यह तनाव एक मामूली घटना से शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे उसने गंभीर रूप ले लिया। इस विवाद की शुरुआत 4 मार्च को हुई, जब एक 11 साल की बच्ची द्वारा फेंका गया पानी का गुब्बारा एक महिला को लग गया। इस छोटी सी घटना ने दो परिवारों के बीच हिंसक झड़प का रूप ले लिया। इस झगड़े में 26 वर्षीय तरुण कुमार घायल हो गया, जिसकी चार दिन बाद मृत्यु हो गई। पुलिस ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दोनों परिवारों के बीच पुराना व्यक्तिगत विवाद था, जिसे अब सांप्रदायिक रंग दे दिया गया है। जैसे-जैसे ईद-उल-फित्र नजदीक आ रही है, इलाके में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। सोशल मीडिया पर नफरती पोस्ट और ‘खून की होली’ खेलने जैसी धमकियां सामने आ रही हैं। इन धमकियों के कारण मुस्लिम परिवारों में भय का माहौल है और कुछ परिवार ईद के दौरान अस्थायी रूप से इलाके को छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। कई किराएदार पहले ही अपना घर खाली कर चुके हैं। स्थानीय निवासी ने बताया कि बाहरी तत्वों और कुछ नेताओं के भड़काऊ भाषणों ने माहौल को और खराब कर दिया है। उनका कहना है कि वे वर्षों से यहां शांति से रह रहे थे, लेकिन अब उन्हें अपने ही पड़ोस में असुरक्षित महसूस हो रहा है। कई लोगों ने यह भी कहा कि उन्हें रोजाना धमकियां मिल रही हैं और वे अपने घरों से बाहर निकलने में भी डरते हैं। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। हस्तसाल गांव क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है और हर गली में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे स्थानीय निवासियों के साथ बैठकें कर रहे हैं और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इलाका न छोड़ें और त्यौहार शांतिपूर्वक मनाएं। हालांकि, दूसरी ओर सोशल मीडिया पर फैल रहे भड़काऊ वीडियो और पोस्ट अभी तक हटाए नहीं गए हैं, और इन पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ वीडियो में खुलेआम हिंसा की धमकी दी जा रही है, जिसमें ईद के दौरान समुदाय विशेष को निशाना बनाने की बातें कही गई हैं। इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कुल मिलाकर, उत्तम नगर की स्थिति प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। एक ओर मृतक के लिए न्याय की मांग है, दूसरी ओर इस घटना की आड़ में पूरे समुदाय को निशाना बनाए जाने का खतरा भी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन समय रहते नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई कर पाता है या नहीं, ताकि ईद का त्यौहार शांति और सौहार्द के साथ मनाया जा सके। आशीष दुबे / 18 मार्च 2026