मोतिहारी में खौफनाक मुठभेड़ में पुलिस का एक जवान शहीद मोतिहारी,(ईएमएस)। बिहार के मोतिहारी में खौफनाक मुठभेड़ ने पूरे इलाके को हिला दिया। यह घटना सिर्फ एक एनकाउंटर नहीं थी, बल्कि इसके पीछे की कहानी और भी ज्यादा चौंकाने वाली है। कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर, जो लंबे समय से बिहार पुलिस के रडार पर था, ने मुठभेड़ से दो दिन पहले ही पुलिस को खुली चुनौती दी थी। वायरल ऑडियो में वह बेखौफ अंदाज में कहता सुनाई देता है कि “समय और जगह तय कर लीजिए, मैं वहीं मिलूंगा, 10-15 पुलिस वालों की लाशें गिरेंगी और आप मुझे पकड़ नहीं पाएंगे।” इस ऑडियो ने पुलिस और लोगों को हैरान कर दिया। बातचीत के दौरान उसकी आवाज में न डर था और न ही कोई झिझक, बल्कि अपराधी कुंदन इस “धमकी नहीं, सलाह” बता रहा था। उसने पुलिस पर अपने परिवार को परेशान करने का आरोप लगाकर चेतावनी दी कि अगर उसके परिवार को तंग किया गया, तब वह भी पुलिसकर्मियों के परिवार को नहीं छोड़ेगा। इसके बाद पुलिस को अपराधी कुंदन ठाकुर की लोकेशन की पुख्ता जानकारी मिल चुकी थी। इसके बाद एक विशेष टीम ने देर रात इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, अपराधियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में एक एसटीएफ जवान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जवान को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। लेकिन अपने साथी की शहादत के बावजूद पुलिस टीम पीछे नहीं हटी और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान कुंदन ठाकुर सहित दो अपराधी मारे गए। कुछ समय तक पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंजता रहा। इस पूरे एनकांऊटर के बार में पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात के अनुसार, कुंदन ठाकुर लगातार पुलिस को धमकी दे रहा था और आरोपी को पकड़ने के लिए कई दिनों से अभियान चलाया जा रहा था। जिस घर में अपराधी छिपे थे, उसके मालिक और उसके पिता को भी गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और सघन जांच अभियान जारी है। आशीष दुबे / 18 मार्च 2026