खेल
18-Mar-2026
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गुरुग्राम (ईएमएस)। भारतीय महिला बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधु ने उभरते हुए खिलाड़ियों से कहा है कि खेल के साथ ही पढ़ाई भी जारी करें क्योंकि केवल खेल पर ही आधारित रहना बेहद जोखिम भरा होता है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु के अनुसार खेल के साथ ही पढ़ाई भी जरुरी है। सिर्फ खेल पर ध्यान देना नुकसानदेह साबित हो सकता है। ध्यान रहे एक ही चोट से खेल करियर समाप्त हो सकता है। इस खिलाड़ी ने कहा कि साल 2016 के ओलंपिक से पहले वह भी अपने बाएं पैर में स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के कारण परेशान थीं और उन्हें अपने भविष्य पर संदेह होने लगा था। उन्होंने कहा, मैं इतने साल से खेल रही हूं। कभी न कभी तो आपको रिटायर होना ही पड़ता है। और यही सच है। आप 45, 50 या 60 साल की उम्र तक नहीं खेल सकते। सिंधु ने राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद की बात का समर्थन किया जिन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों के माता-पिता से शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही थी। इस खिलाड़ी ने कहा, आपको इस बात को मानना ही होगा कि शिक्षा हमेशा पूरी जिंदगी आपके साथ रहेगी और हमेशा आपके पास रहेगी। उन्होंने कहा, कोई भी सोने की चम्मच लेकर पैदा नहीं होता और आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, चाहे वह पढ़ाई में हो या खेल में। पढ़ाई और खेल दोनों ही अहम हैं। मैंने अपना एमबीए किया है। इसलिए मुझे पता है कि यह आसान नहीं है। आप सुबह ट्रेनिंग के लिए जाते हैं, वापस आते हैं, पढ़ाई करते हैं, फिर शाम के सत्र के लिए जाते हैं। सिंधु ने कहा, सच तो यही है कि खेल एक बहुत छोटी सी चीज है। शिक्षा हमेशा आपके साथ रहेगी। खेल भी जरूरी है, लेकिन इतना भी नहीं कि आप अपनी पढ़ाई पूरी तरह से रोक दें। उन्होंने कहा कि खेल के दौरान लगने वाली चोटों से उबरना मुश्किल हो सकता है इसलिए उन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों से पढ़ाई का एक विकल्प अपने पास रखने की बात कही। सिंधु ने कहा, हो सकता है मेरी बात थोड़ी कड़वी लगे, शायद अभी उन्हें यह बात समझ नहीं आए, लेकिन जिंदगी के बाद के पड़ाव में उन्हें यह जरूर समझ आएगा कि पढ़ाई भी उतनी ही जरूरी है। खेल कभी-कभी बहुत जोखिम भरा हो सकता है। इसमें कभी भी चोट लग सकती है। उन्होंने कहा, चोट से आपका करियर खत्म हो सकता है, आपकी सर्जरी हो सकती है। और चोटें बताकर नहीं आतीं, बस हो जाती हैं। ऐसे समय में, आपको यह पक्का करना होता है कि आप जिंदगी में हर चीज के लिए तैयार हैं। ईएमएस 18 मार्च 2026