राष्ट्रीय
18-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालातों के बीच भारतीय फ्लैग्ड टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इलाके से आने की अनुमति है और वे आ भी रहे हैं। शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी भारतीय पोर्ट पर पहुंच चुकी हैं। इन तीनों जहाजों को भारतीय नौसेना ने सुरक्षित एस्कॉर्ट किया है। ओमान की खाड़ी के पास भारतीय नौसेना के ‘मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट’ के तहत 2019 से एक वॉरशिप हमेशा तैनात रहता है। लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए नौसेना ने इसकी संख्या बढ़ा दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पहले इसकी संख्या 1 से बढ़ाकर 3 की गई थी। अब इस इलाके में नौसेना के वॉरशिप की तादाद और बढ़ा दी गई है। हालांकि, यह संख्या कितनी बढ़ाई गई है, इसकी जानकारी साझा नहीं की गई है। इन वॉरशिप का काम भारतीय फ्लैग्ड शिप्स को एस्कॉर्ट कर सुरक्षित इलाके तक पहुंचाना है। भारत सरकार के मुताबिक, फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं। मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट के तहत भारतीय नौसेना की तैनाती दुनिया के छह अलग-अलग इलाकों में है। इन सभी इलाकों में 2017 से लगातार तैनाती बनी हुई है। ‘मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट’ के तहत ओमान और अदन की खाड़ी के पास भी दो बड़े अभियान जारी हैं, ओमान की खाड़ी में ‘ऑपरेशन संकल्प’ और अदन की खाड़ी में ‘एंटी-पायरेसी ऑपरेशन’। वेस्ट एशिया के हालातों पर हुई इंटर-मिनिस्ट्रीयल प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने नौसेना की मौजूदगी के सवाल पर कहा कि भारतीय नौसेना समुद्री डकैती विरोधी अभियानों के लिए इस क्षेत्र में मौजूद है और वे हमारी कई पहलों में सहयोग कर रहे हैं। वे किस प्रकार का सहयोग दे रहे हैं, इसकी बेहतर जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा दी जाएगी। सुबोध/१८-०३-२०२६