नई दिल्ली (ईएमएस)। साल 2026 की शुरुआत से इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) का शेयर 15.2 फीसदी गिरा, जबकि स्पाइसजेट 55.14 फीसदी टूट गया। इसी दौरान सेंसेक्स में 10.7 फीसदी की गिरावट आई। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी गिरावट रुकने के संकेत नहीं हैं। पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण कई उड़ानें रद्द या मार्ग बदलनी पड़ीं। इससे उड़ानों का समय और खर्च बढ़ा। साथ ही, एटीएफ की कीमतें 85 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं, जो एयरलाइंस के कुल खर्च का 30–35 फीसदी हिस्सा हैं। कंपनियों ने अतिरिक्त ईंधन शुल्क लगाया, लेकिन लागत पूरी तरह कवर नहीं हो रही। डीजीसीए ने एयरलाइंस को 60 फीसदी सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क देने का आदेश दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे सीट चयन से होने वाली आमदनी प्रभावित होगी और अगर नियम स्थायी हुआ, तो उद्योग को लंबी अवधि में नुकसान हो सकता है। छोटे निवेशकों को अभी दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। वहीं लंबी अवधि के निवेशक गिरावट में खरीदारी पर विचार कर सकते हैं, लेकिन तेल की कीमतें और उद्योग की स्थिति प्रमुख जोखिम बने हुए हैं। सतीश मोरे/19मार्च ---