क्षेत्रीय
20-Mar-2026


बालाघाट (ईएमएस). वन विभाग की सतर्कता से अवैध काष्ठ परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मुख्य वन संरक्षक गौरव चौधरी एवं वनमंडल अधिकारी नित्यानंदम एल. के निर्देशानुसार वन परिक्षेत्र खैरलांजी सामान्य अंतर्गत यह संयुक्त कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार 12 मार्च को राजस्व ग्राम पिंडकेपार में भूमिस्वामी किशनलाल पिता नत्थूलाल जैतवार की भूमि से काटे गए वृक्षों की लकड़ी से भरे दो ट्रक (क्रमांक एमएच 40 बीएल 7567 और एमएच 40 सीडी 4363 ) संदिग्ध अवस्था में पाए गए थे। इस पर वन परिक्षेत्र खैरलांजी का अमला एवं वन वृत्त बालाघाट के उडऩदस्ता दल द्वारा संयुक्त जांच की गई। निरीक्षण के दौरान दोनों वाहनों में भरी लकड़ी पर संपत्ति चिन्ह कूटरचित (संदिग्ध) पाए गए। इसके चलते दोनों ट्रकों को जब्त कर परिक्षेत्र कार्यालय खैरलांजी परिसर में लाया गया, जहां लकड़ी का नाप-जोख किया गया। जांच में वाहनों में आंजन, हिवर एवं अन्य प्रजातियों के 120 नग ल_े (26.647 घनमीटर) और मौके पर 38 नग ल_े (6.678 घनमीटर) पाए गए। इस प्रकार कुल 158 नग ल_ों की 33.625 घनमीटर काष्ठ जब्त की गई। इस प्रकरण में वन अपराध क्रमांक 12636/09 के तहत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 63 में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। 177 नग खैर लकड़ी जब्त इसी प्रकार पुलिस थाना रामपायली द्वारा रात्रिकालीन गश्ती के दौरान ट्रक क्रमांक एमएच 35 के 1239 को संदिग्ध अवस्था में रोका गया, जिसमें खैर प्रजाति की लकड़ी का अवैध परिवहन किया जा रहा था। पुलिस ने वाहन को पकडकऱ इसकी सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद 12 मार्च 2026 को सुबह लगभग 5.20 बजे उक्त वाहन को वन परिक्षेत्र खैरलांजी को सुपुर्द कर दिया गया। वन विभाग द्वारा ट्रक को परिसर में लाकर जांच की गई, जिसमें 177 नग खैर प्रजाति के ल_े पाए गए, जिनका कुल आयतन 4.131 घन मीटर मापा गया। इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 12634/08 के तहत भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41 एवं मध्यप्रदेश अभिवहन (वनोपज) नियम 2022 के नियम 3 के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। भानेश साकुरे / 20 मार्च 2026