क्षेत्रीय
20-Mar-2026


:: 7 साल से न्याय की आस में भटक रहे पीड़ितों को मिली राहत; ग्वालियर और देवास से जप्त की गईं गाड़ियाँ :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर पुलिस ने रेंट एग्रीमेंट के नाम पर कारों की हेराफेरी करने वाले एक बड़े जालसाज संजय कालरा के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के कड़े दिशा-निर्देशन में थाना रावजी बाजार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्त में लेकर उसकी निशानदेही पर ग्वालियर और देवास से दो कारें बरामद की हैं। वर्षों बाद अपनी गाड़ियाँ सुरक्षित पाकर पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना की है। मामला साल 2019 से जुड़ा है, जब स्कीम नंबर 71 निवासी ब्रजेश मंत्री और लालाराम नगर निवासी अनुज माहेश्वरी ने आरोपी संजय को अपनी हुंडई वरना और हुंडई आई-20 कारें रेंट एग्रीमेंट पर दी थीं। शातिर आरोपी ने शुरू में पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए कुछ महीनों तक समय पर किराया दिया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। जब पीड़ितों ने अपनी कारें वापस मांगी, तो आरोपी ने अपनी असलियत दिखाते हुए उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह है कि कारें लौटाने के बदले संजय कालरा ने पीड़ितों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की अवैध मांग की। उसने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो वह कारों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों (जैसे तस्करी या अन्य अपराध) में कर देगा, जिससे कार मालिक झूठे मुकदमों में फंस जाएंगे। पिछले 7 वर्षों से इस प्रताड़ना और भारी मानसिक तनाव को झेल रहे पीड़ितों ने अंततः रावजी बाजार थाने की शरण ली। रावजी बाजार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया। सघन पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने ग्वालियर और देवास में छिपाई गई दोनों कारों को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया। अपनी कारों की बरामदगी की सूचना पाकर पीड़ित पक्ष ने थाने पहुंचकर पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से मानसिक संताप में थे, लेकिन पुलिस की त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई ने उन्हें अंततः न्याय दिलाया है। पुलिस अब आरोपी से अन्य वाहनों की हेराफेरी के संबंध में पूछताछ कर रही है। प्रकाश/20 मार्च 2026