क्षेत्रीय
21-Mar-2026
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- डायल 112 के बेड़े में शामिल होंगी नई गाड़िया एवं नई महिला आरक्षी झांसी(ईएमएस ) डायल 112 का कायाकल्प बेड़े में शामिल हुईं 9 नई गाड़ियां, पुराने वाहनों से मिलेगी मुक्ति।पुलिस रिस्पांस व्हीकल बेडे में अब झांसी में कुछ नई गाड़ियां जल्दी ही जुड़ने जा रही है। पुलिस सहायता तत्काल पहुंचे जाने के लिए संचालित होने वाली पीआरबी में अब और भी नई व्हीकल जोड़ी जाएंगे।इन नए वाहनों के आने पर महिला स्टाफ की तैनाती प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। जिले मैं डायल 112 की 60 गाड़ियां हैं।महानगर के प्रत्येक थाने में दो से तीन गाड़ियां हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में एरिया के हिसाब से कुछ थानों में एक-एक पीआरवी है।इन सभी पीआरबी में एक कमांडर दो आरक्षी एक चालक का स्टाफ तैनात है। हर गाड़ी को कॉल मिलने के महज 15 मिनट में उसे घटना स्थल पर पहुंचने की बाध्यता है। इसमें भी कई गाड़ियों ने रिस्पांस टाइम में रिकॉर्ड बनाए हैं और महज तीन से 7 मिनट में घटना स्थल पर पहुंच कर पीड़ित की मदद की है। फिलहाल शासन ने 9 पुराने और कंडम हो चुकी गाड़ियों को रिप्लेस कर नई गाड़ियां भेज दी हैं। पीआरबी बेडे में मौजूद 60 गाड़ियों में से 9 गाड़ियां काफी हद तक खराब और बेकार हो चुकी थी जिनकी बार-बार मरम्मत करानी पड़ती थी। ऐसे में इन गाड़ियों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई और शासन ने स्थानीय रिपोर्ट को मानते हुए उनके स्थान पर नई 9 गाड़ियां भेज दी हैं। जिन्हें डायल 112 के बेड़े में शामिल कर लिया गया है। संतोष कुमार अवस्थी प्रभारी निरीक्षक डायल 112 झांसी का कहना है की शासन से जल्दी ही कुछ और नई गाड़ियां जिले के डायल 112 सेवा को मिलने जा रही हैं। डायल 112 में पुराने और खराब हो चुकी गाड़ियों के स्थान पर नए वाहनों को शामिल कर लिया गया है जल्दी ही नई महिला आरक्षियों के आने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ड्यूटी दी जाएगी। अभी तक डायल 112 सेवा में एक निरीक्षक 40 उप निरीक्षक 36 एचसीपी 179 आरक्षि एक हेड कांस्टेबल (महिला) 31 कांस्टेबल (महिला) एवं 90 होमगार्ड के जवान तैनात हैं इनकी रोटेशन से दिन और रात में ड्यूटी लगाई जाती है। जल्द ही जिले में 176 नई महिला आरक्षी मिलने जा रही हैं इनमें कुछ महिला आरक्षी की तैनाती प्राथमिकता के आधार पर पीआरवी में की जाएगी। शरद शिवहरे /ईएमएस /21मार्च