- करोड़ों की ठगी का खुलासा - भक्तों की आस्था से खिलवाड़, बिना योग्यता इलाज के नाम पर जोखिम-पूर्व अनुयायी ने खोली काली करतूतों की पोल अहमदाबाद (ईएमएस)| सूरत में नकली चलन (करेंसी) नोट के बड़े रैकेट में गिरफ्तार कथित योग सिद्धगुरु प्रदीप जोटांगिया की असलियत अब धीरे-धीरे सामने आ रही है। पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनसे यह साफ हो गया है कि आध्यात्मिकता का चोला ओढ़े यह व्यक्ति वास्तव में एक बड़ा ढोंगी था। उसके ही एक पूर्व विश्वस्त अनुयायी ने उसके अतीत और वर्तमान के काले कारनामों का पर्दाफाश किया है। ‘श्री सत्यम योग फाउंडेशन’ के नाम पर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ और भ्रष्टाचार किए जाने की बात सामने आई है। जांच में यह भी पता चला है कि सूरत आने से पहले प्रदीप जोटांगिया राजकोट के मनहर प्लॉट क्षेत्र में ‘सत्यम हेयर ड्रेसर’ नाम से एक साधारण सैलून चलाता था। राजकोट से सूरत आने के बाद उसने रातोंरात अपनी पहचान बदल ली। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के, केवल यूट्यूब वीडियो देखकर उसने योग सिखाना शुरू किया और खुद को ‘सिद्धगुरु’ के रूप में स्थापित कर लिया। डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर उसने लोगों का भरोसा जीता और फिर अपने अवैध काम शुरू किए। ‘श्री सत्यम योग फाउंडेशन’ के नाम पर उसने आश्रम के लिए जमीन खरीदने के बहाने साधकों से लाखों रुपये वसूले। लेकिन जब जमीन खरीदी गई तो बड़ा घोटाला सामने आया—जमीन संस्था के नाम पर लेने के बजाय उसने अपने निजी नाम पर रजिस्टर करवा ली। जब कुछ जागरूक अनुयायियों ने इस पर सवाल उठाए, तो उन्हें जान से मारने या खुद आत्महत्या करने की धमकी देकर डराया गया। इतना ही नहीं, पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उसने आत्महत्या का नाटक भी रचा। यह मामला केवल आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं था। प्रदीप जोटांगिया बिना किसी मेडिकल डिग्री के ‘नीडल पंचर’ जैसी खतरनाक पद्धतियों से इलाज करने का दावा करता था, जिससे कई लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हुआ। पूर्व अनुयायी के खुलासों के बाद अब पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आपराधिक पहलुओं को भी खंगाल रही है। सतीश/21 मार्च