क्षेत्रीय
21-Mar-2026
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बालाघाट (ईएमएस). सर्व राजस्थानी महिला मंडल ने शनिवार को गणगौर की शोभायात्रा निकालकर नगर भ्रमण किया। स्थानीय काली पुतली चौक के समीप स्थित हनुमान मंदिर से यह शोभायात्रा निकाली गई, जो मोती गार्डन पहुंची, जहां पर विविध आयोजन किए गए। 16 दिनों तक चले इस पर्व का शनिवार को समापन हो गया। इस शोभायात्रा में झांकियां आकर्षण का केन्द्र रही। वहीं महिलाओं ने राजस्थानी गणगौर गीतों पर जमकर नृत्य किया। इस गणगौर महोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा में पहली बार सर्व राजस्थानी समाज एकजुट दिखाई दिया। शोभायात्रा के भ्रमण के दौरान जगह-जगह स्वागत भी किया गया। सर्व राजस्थानी महिला मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि होली के बाद से यह पर्व प्रारंभ होता है। गणगौर पूजन कन्याओं और विवाहित महिलाएं करती है। जिसमें मिट्टी के शिव यानी गण (ईसर) और माता पार्वती यानी गौर (गवर) बनाकर पूजा की जाती है। 16 दिन तक चलने वाले इस पूजन को लेकर मान्यता है कि शादी के बाद पहला गणगौर पूजन मायके में किया जाता है। इस पूजन का महत्व अविवाहित कन्या के लिए अच्छे वर की कामना को लेकर रहता है। जबकि विवाहित स्त्री अपने पति की दीर्घायु के लिए पूजन करती हैं। इसमें अविवाहित कन्या पूरी तरह से तैयार होकर और विवाहित स्त्री सोलह श्रंगार करके पूरे सोलह दिन पूजन करती हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यालय में गणगौर पूजन के अंतिम सर्व राजस्थानी महिला मंडल ने शोभायात्रा निकाली। नगर भ्रमण के बाद यह शोभायात्रा मोती उद्यान पहुंची। जहां इसका समापन किया गया। भानेश साकुरे / 21 मार्च 2026