राष्ट्रीय
22-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। बिना डॉक्टर की सलाह के नींद की दवाइयों का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि इनकी आदत लगने का खतरा रहता है और लंबे समय में कई दुष्प्रभाव भी सामने आ सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी नींद के लिए सबसे पहले प्राकृतिक उपायों को अपनाना चाहिए। खानपान और जीवनशैली का सीधा असर हमारी नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है। यदि रोजमर्रा की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव किए जाएं और कुछ प्राकृतिक चीजों को आहार में शामिल किया जाए तो बिना दवा के भी गहरी और सुकून भरी नींद पाई जा सकती है। कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो शरीर को रिलैक्स करते हैं और दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं। इसी कारण आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों में संतुलित खानपान को बेहतर नींद का सरल और प्रभावी तरीका माना जाता है। रात को सोने से पहले गुनगुना दूध पीना नींद सुधारने के सबसे आसान उपायों में से एक माना जाता है। दूध में मौजूद ट्रिप्टोफान शरीर में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। ये दोनों हार्मोन शरीर को शांत करने और नींद को गहरा बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। यदि दूध में हल्दी या थोड़ा सा जायफल मिलाकर पिया जाए तो इसका असर और भी बेहतर हो सकता है। फल के रूप में केला भी अच्छी नींद के लिए फायदेमंद माना जाता है। केले में मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों को आराम देने का काम करते हैं। जब शरीर की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं तो दिमाग भी शांत होने लगता है और नींद जल्दी आने लगती है। इसके अलावा केला पेट को हल्का रखता है और शरीर को आवश्यक ऊर्जा भी प्रदान करता है। सूखे मेवों में बादाम को भी नींद के लिए लाभकारी माना जाता है। बादाम में मौजूद मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स नसों को शांत करने में मदद करते हैं। अगर रात को सोने से पहले तीन से चार भीगे हुए बादाम खा लिए जाएं तो इससे शरीर को आराम मिलता है और तनाव कम हो सकता है। कई लोग दूध के साथ बादाम का सेवन भी करते हैं, जो नींद के लिए और अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा हर्बल चाय भी अच्छी नींद के लिए एक बेहतर विकल्प है। खासतौर पर चामोमाइल, होली बासिल (तुलसी) या लेवेंडर से बनी हर्बल चाय शरीर को प्राकृतिक रूप से शांत करने में मदद करती है। ये चाय कैफीन से मुक्त होती हैं और तनाव को कम करने में सहायक मानी जाती हैं। सोने से लगभग आधे घंटे पहले एक कप हल्की हर्बल चाय पीने से शरीर धीरे-धीरे रिलैक्स होने लगता है और नींद आने में आसानी हो सकती है। बता दें कि तेज रफ्तार जीवनशैली में अच्छी और गहरी नींद लेना कई लोगों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। काम का तनाव, मोबाइल और इंटरनेट का बढ़ता इस्तेमाल, अनियमित दिनचर्या और मानसिक दबाव की वजह से बड़ी संख्या में लोग देर रात तक जागते रहते हैं। जब लंबे समय तक नींद नहीं आती तो कुछ लोग तुरंत राहत पाने के लिए नींद की गोलियों का सहारा लेने लगते हैं। सुदामा/ईएमएस 22 मार्च 2026