:: ‘सबके राम’ महोत्सव में दिखा उत्तर-दक्षिण की संस्कृतियों का संगम, मलखम्ब के करतबों ने दांतों तले दबाई उंगलियां :: इंदौर (ईएमएस)। दशहरा मैदान स्थित ‘अवध लोक’ में आयोजित ‘सबके राम’ महोत्सव इन दिनों शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है। महोत्सव में पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत की विविध संस्कृतियों का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है। रविवार को देर रात तक भक्तों का मेला जुटा रहा, जहां श्रद्धालुओं ने वृन्दावन के प्रेम मंदिर की भव्य प्रतिकृति के दर्शन किए और राम दरबार की महाआरती में भाग लिया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा भी महोत्सव में पहुंचे। उन्होंने कलाकारों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए सदगुरु अण्णा महाराज के सानिध्य में आरती संपन्न की। महोत्सव के संयोजक महेन्द्रसिंह चौहान एवं प्रवीणा अग्निहोत्री ने बताया कि शनिवार की रात रतलाम की जवाहर व्यायामशाला के युवाओं ने मलखम्ब पर हैरतअंगेज प्रदर्शन कर हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, 19 मार्च से जारी लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में अब तक 7 हजार से अधिक आहुतियां दी जा चुकी हैं। विशेष बात यह है कि यज्ञशाला की परिक्रमा करने वालों में बड़ी संख्या में दिव्यांग और मूकबधिर श्रद्धालु भी शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। महोत्सव में पूर्व विधायक जीतू जिराती और भाजपा नगर मंत्री स्वाति काशिद सहित कई गणमान्य जन मौजूद रहे। महोत्सव की शुरुआत प्रतिदिन सुबह निशुल्क योग शिविर से हो रही है, जिसमें करीब 300 साधक प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके साथ ही सायं कालीन सत्र में भारतीय चिकित्सा पद्धति से निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का लाभ भी सैकड़ों लोग उठा रहे हैं। मेला स्थल पर खान-पान के शौकीनों के लिए बिहार के लिट्टी चोखा से लेकर मालवा-निमाड़ के दाल पानिए और महाराष्ट्र की पूरण पोली जैसे पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बच्चों के लिए झूले और पारंपरिक बर्फ के लड्डू मेले के आनंद को दोगुना कर रहे हैं। :: आज शहीद दिवस पर राष्ट्रभक्ति की गूँज :: आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए आयोजन समिति ने बताया कि सोमवार 23 मार्च को शहीद दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति से प्रेरित संघ गीतों का गायन होगा। महोत्सव के आगामी दिनों में सुगम संगीत, गायन स्पर्धा और विभिन्न आयु वर्ग के कलाकारों द्वारा रामायण पर आधारित नृत्य नाटिकाओं की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। यह महोत्सव 27 मार्च तक जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन सुबह गौपूजन, महायज्ञ और सायं काल में रामधुन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का क्रम निरंतर बना रहेगा। प्रकाश/22 मार्च 2026