नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश के प्रखर समाजवादी चिंतक, सप्त क्रांति के प्रणेता और महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोमवार को सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से नेताओं ने डॉ. लोहिया के विचारों को याद करते हुए उन्हें सामाजिक न्याय की बुलंद आवाज बताते हुए कहा कि गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के प्रति वे हमेशा ही प्रतिबध्द रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में डॉ. लोहिया के बहुआयामी व्यक्तित्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राम मनोहर लोहिया एक उत्कृष्ट विचारक थे, जिन्होंने न केवल औपनिवेशिक शासन के खिलाफ देश को एकजुट किया, बल्कि आजादी के बाद भारत की प्रगति की रूपरेखा तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएम ने जोर देकर कहा कि गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के प्रति लोहिया जी की अटूट प्रतिबद्धता आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है। उन्होंने विशेष रूप से लैंगिक समानता और सहभागी शासन पर लोहिया के प्रगतिशील विचारों की सराहना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डॉ. लोहिया को याद करते हुए कहा कि वे आजीवन समानता, शिक्षा और स्वभाषा (अपनी भाषा) के लिए कटिबद्ध रहे। शाह के अनुसार, लोहिया जी ने सामाजिक जीवन में शुचिता के जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी राजनीति के लिए अनुकरणीय हैं। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने डॉ. लोहिया को सामाजिक न्याय का प्रतीक बताया और कहा कि उनका पूरा जीवन वंचितों को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित था। श्रद्धांजलि देने वालों के इस क्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी उनके संघर्षों को मार्गदर्शक बताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि डॉ. लोहिया ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का जो मार्ग दिखाया, वह एक समावेशी भारत के निर्माण का आधार है। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी उन्हें नमन किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव, राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा, हरियाणा के नायब सिंह सैनी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेशों में लोहिया जी के सपनों का भारत बनाने के संकल्प को दोहराया। डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचार न केवल राजनीति, बल्कि समाज सुधार के क्षेत्र में भी मील का पत्थर माने जाते हैं। आज पूरा देश उनके बताए गए समानता और न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प ले रहा है, जिससे एक सशक्त और भेदभाव रहित राष्ट्र की परिकल्पना को साकार किया जा सके। वीरेंद्र/ईएमएस/23मार्च2026 --------------------------------