अंतर्राष्ट्रीय
24-Mar-2026


वॉशिंगटन(ईएमएस)। मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध को लेकर एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि अमेरिका इस युद्ध को आगामी 9 अप्रैल तक समाप्त करने की एक विशेष योजना पर काम कर रहा है। यदि सब कुछ निर्धारित योजना के अनुसार चलता है, तो अगले कुछ दिनों के भीतर क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों और तनावपूर्ण माहौल में बड़ी राहत मिल सकती है। इस संभावित समय सीमा के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि अब शांति वार्ता और सैन्य अभियानों के बीच बहुत कम समय बचा है। युद्ध विराम की इस कोशिश के केंद्र में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को चुना गया है, जहाँ इसी सप्ताह के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष वार्ता होने की संभावना है। दरअसल, इस समय सीमा के पीछे एक दिलचस्प कूटनीतिक कारण भी बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस (21-22 अप्रैल) के अवसर पर देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान इजराइल प्राइज से नवाजे जाने की योजना है। इस समारोह की सफलता के लिए युद्ध का थमना अनिवार्य है, और माना जा रहा है कि ट्रंप इस सम्मान समारोह से पहले क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करना चाहते हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इजराइल डिफेंस फोर्स के अधिकारियों का कहना है कि उनकी सैन्य कार्रवाई यहूदी त्योहार पासओवर (1 से 8 अप्रैल) तक जारी रह सकती है। साथ ही, यह भी संकेत मिले हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे गुप्त संपर्कों की पूरी जानकारी सभी सहयोगियों के साथ साझा नहीं की गई है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेरी इस बातचीत की कमान संभाल रहे हैं, जबकि ईरान का आधिकारिक रुख अब भी किसी भी सीधी बातचीत से इनकार करने का है। 28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका ने पहले ही ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाया जाएगा, जिसके जवाब में ईरान ने पूरे मध्य पूर्व के ऊर्जा और जल ढांचे को तबाह करने की धमकी दी थी। अब 9 अप्रैल की डेडलाइन इस विनाशकारी संघर्ष को रोकने की दिशा में एक आखिरी उम्मीद के रूप में देखी जा रही है। वीरेंद्र/ईएमएस/24मार्च2026