अंतर्राष्ट्रीय
24-Mar-2026


वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक और रणनीतिक मोर्चे पर घिरते नजर आ रहे हैं। युद्ध की शुरुआत में अमेरिका ने ईरान की सत्ता परिवर्तन और उसके परमाणु खतरे को जड़ से मिटाने का जो बड़ा लक्ष्य रखा था, वह अब भी अधूरा है। अमेरिकी रक्षा और सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान सैन्य अभियान के जरिए तेहरान को हमेशा के लिए परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना संभव नहीं लग रहा है। वॉशिंगटन में अब इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या अमेरिका वास्तव में उन उद्देश्यों को हासिल कर पाएगा, जिनके लिए यह युद्ध शुरू किया गया था। वर्तमान में होर्मुज की खाड़ी को फिर से खोलना अमेरिका के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का 20 प्रतिशत हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है, और इस पर ईरान की पकड़ को ढीला करना ही अब अमेरिका के लिए युद्ध समाप्त करने का एकमात्र सम्मानजनक रास्ता दिखाई दे रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का आकलन है कि यदि शिपिंग लेन सुरक्षित हो जाती है, तो ऊर्जा संकट कम होगा और भविष्य के खतरों के विरुद्ध ईरान की क्षमताएं भी घटेंगी। हालांकि, इजराइली अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान फिर से बैलिस्टिक मिसाइल या परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में बढ़ता है, तो भविष्य में सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी रहेगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करना चाहता है और इस संबंध में एक ईरानी नेता के साथ संपर्क बना हुआ है। ट्रंप ने होर्मुज की खाड़ी खोलने के लिए पांच दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है और चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले किए जाएंगे। ट्रंप के अनुसार, उनके दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर बातचीत में शामिल हैं। दूसरी ओर, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे फेक न्यूज बताया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ का कहना है कि अमेरिका तेल और वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने के लिए ऐसी अफवाहें फैला रहा है। इस बीच, परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा सबसे जटिल बना हुआ है; रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने हथियार-ग्रेड यूरेनियम बनाने का 99 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अब भी सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। वीरेंद्र/ईएमएस/24मार्च2026