:: बहनों की पाती-भैया के नाम कार्यक्रम को बताया आत्मीय पहल; महिला सशक्तिकरण के लिए 1 लाख करोड़ का बजट :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव के जन्म दिवस के अवसर पर आज मुख्यमंत्री निवास में एक भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला, जहाँ बड़ी संख्या में प्रदेश की बहनें बहनों की पाती-भैया के नाम लेकर पहुँचीं। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत किया और घोषणा की कि जल्द ही मुख्यमंत्री निवास में बहनों से सीधा संवाद करने के लिए एक विशेष पंचायत आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बहनों की पाती-भैया के नाम मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आत्मीय पहल है। प्रदेश की बहनों ने इन पातियों के माध्यम से अपने मन के भाव, अनुभव और सुझाव साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि बहनों का आशीर्वाद सरकार को निरंतर प्राप्त हो रहा है और उनके विश्वास व स्नेह को शब्दों में पिरोना एक अद्भुत अनुभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के स्वाभिमान और सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। :: मिशन मोड में नारी सशक्तिकरण का कार्य :: मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की तरह ही राज्य सरकार भी गरीब, युवा, नारी और किसान को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। प्रदेश में महिला कल्याण का कार्य मिशन मोड में चल रहा है। राज्य सरकार ने नारी सशक्तिकरण के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बजट का प्रावधान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। :: आत्मनिर्भरता और उद्योगों में बढ़ता नेतृत्व :: यादव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब प्रदेश की बहनें केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कारखानों और उद्योगों में भी नेतृत्व कर रही हैं। राज्य सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कदम उठा रही है। उन्होंने उपस्थित बहनों से आह्वान किया कि वे शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करें। महिला सशक्तिकरण तभी सार्थक होगा जब हर पात्र बहन आत्मनिर्भर बने और शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ ले सके। प्रकाश/25 मार्च 2026