:: नगर निगम की आर.आर.आर. प्रतियोगिता : गांधी हॉल में सजी 29 से अधिक कलाकृतियाँ; चौराहों पर मिलेगी जगह :: इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान रचने वाला इंदौर अब वेस्ट टू आर्ट (कचरे से कला) के माध्यम से अपनी वैश्विक पहचान को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है। नगर निगम द्वारा स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने और वेस्ट मैनेजमेंट के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित “आर.आर.आर. टैलेंट” प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। इस रचनात्मक महाकुंभ में शहर के स्कूलों, कॉलेजों, स्टार्टअप्स और जागरूक नागरिकों ने कबाड़ और अनुपयोगी वस्तुओं से 29 से अधिक ऐसी कलाकृतियाँ तैयार कीं, जिन्हें देखकर हर कोई दंग रह गया। गांधी हॉल में आयोजित इस प्रदर्शनी ने इंदौर की सृजनशीलता को एक नया आयाम दिया है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ला एवं अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विजेताओं को पुरस्कृत किया। आयुक्त ने कहा कि वेस्ट से बनी ये नवाचारपूर्ण कलाकृतियाँ इंदौर की प्रतिभा और स्वच्छता के प्रति शहर की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। उन्होंने घोषणा की कि इन चयनित कलाकृतियों को शहर के प्रमुख चौराहों और उद्यानों में स्थापित किया जाएगा, ताकि ये नागरिकों को रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल (RRR) के लिए प्रेरित करती रहें। :: विजेताओं का सम्मान और जल संरक्षण का संकल्प :: प्रतियोगिता में क्रिएटिवएज इंस्टिट्यूट ने अपनी अद्भुत कलाकृति के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। डीएसआईएफडी (DSIFD) को द्वितीय एवं इंदौर आर्ट गैलरी को तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। अन्य सभी सहभागियों को भी उनकी रचनात्मकता के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह के दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत उपस्थित जनों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पानी बचाने का प्रभावी संदेश दिया गया। :: स्वच्छता की पहचान होगी और मजबूत :: कार्यक्रम के दौरान आयुक्त ने जोर देकर कहा कि वेस्ट टू आर्ट का यह कांसेप्ट इंदौर को अन्य शहरों से अलग और विशिष्ट बनाता है। कचरे को संसाधनों में बदलने की यह कला न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का भाव और अधिक गहरा होगा। प्रकाश/25 मार्च 2026