देहरादून (ईएमएस)। निजी स्कूलों की मनमानी एवं अनावश्यक फीस वृद्धि, किताबों का बोझ दिए जाने से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर जिलाधिकारी के कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के लिए जाने वाले दोनों गेटों को बंद किए जाने पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट गया और उन्होंने गेट को जोर जोर से हिलाना शुरू किया तो वह खुल गया और कार्यकर्ता आगे बढ़े, जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट के साथ काफी तीखी नोंकझोंक भी र्हुइं। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष प्रवीण रमोला ने कहा कि शीघ्र ही नया शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष यह देखा जाता है कि जनपद देहरादून के अनेक निजी विद्यालय अभिभावकों पर मनमाने ढंग से फीस वृद्धि का दबाव बनाते हैं। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए महंगी एवं अनावश्यक पुस्तकों, कॉपियों, यूनिफॉर्म तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री की लंबी सूची जारी कर दी जाती है। रमोला ने कहा है कि कई विद्यालय अभिभावकों को किसी एक निर्धारित दुकान या विक्रेता से ही किताबें, कॉपियां एवं यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जिससे इन वस्तुओं की कीमत सामान्य बाजार की तुलना में काफी अधिक हो जाती है। केंद्रीय महामंत्री किरन रावत ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा एडमिशन फीस, डेवलपमेंट फीस, एक्टिविटी फीस, स्मार्ट क्लास फीस आदि के नाम पर विभिन्न प्रकार के अतिरिक्त शुल्क भी लिए जाते हैं, जिनकी पारदर्शिता भी स्पष्ट नहीं होती। उन्होंने कहा कि इन सभी कारणों से आम एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की अनियंत्रित व्यावसायिक प्रवृत्ति समाज और भविष्य की पीढ़ी दोनों के हित में नहीं है। इस दौरान महानगर संगठन मंत्री कपिल कुमार ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है कि जनपद के सभी निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा फीस संरचना की प्रशासनिक समीक्षा कर उसे विनियमित किया जाए। सभी विद्यालयों को निर्देशित किया जाए कि वह केवल एनसीईआरटी अथवा मानक पाठ्य पुस्तकों को ही लागू करें, ताकि अभिभावकों को महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। इस दौरान महानगर संगठन मंत्री जितेंद्र ने कहा कि अभी हाल ही में सहस्त्रधारा क्रॉसिंग पर स्थित दून डिफेंस ड्रीमर्स एकेडमी में रुद्रप्रयाग के दो लड़कों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है, जिसमें उन्होंने पूरी फीस दी गई थी उसके बावजूद भी उन्हें उनके साथ वहां पर मारपीट हुई और उन्हें वहां से डरा धमका के भगा दिया गया जो की बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है और उक्त इंस्टीट्यूट में पूर्व में भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आई है, इस पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई किया जाना अति आवश्यक है। इस अवसर पर ज्ञापन में किसी भी विद्यालय द्वारा अभिभावकों को किसी एक निर्धारित दुकान से किताबें, कॉपियां, यूनिफॉर्म अथवा अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। एडमिशन फीस, डेवलपमेंट फीस, एक्टिविटी फीस, स्मार्ट क्लास फीस आदि के नाम पर लिए जाने वाले अनावश्यक एवं मनमाने शुल्कों की जांच कर उन पर प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/25 मार्च 2026