क्षेत्रीय
26-Mar-2026
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गुना (ईएमएस) गुना। नगर पालिका परिषद गुना में पिछले सात महीनों से विकास कार्यों पर लगी रोक हटने की उम्मीद जाग गई है। नपाध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता द्वारा परिषद के सुस्त प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ मोर्चा खोलने और तकनीकी अमले की लापरवाही को सीधे केंद्रीय नेतृत्व तक पहुँचाने के बाद अब राज्य सरकार हरकत में आई है। नपाध्यक्ष की सक्रियता का ही परिणाम है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्वयं संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र लिखकर गुना के सभी 37 वार्डों के विकास कार्यों के लिए तकनीकी स्वीकृति दिलाने हेतु निर्देशित किया है। तकनीकी अमले और अधिकारियों की लापरवाही पर अध्यक्ष के तीखे प्रहार नपाध्यक्ष सविता गुप्ता ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी और तकनीकी अमले को आड़ेे हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण शहर का विकास अवरुद्ध है। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विगत अगस्त और सितंबर 2025 की बैठकों में स्वीकृत करीब 50 टेंडरों को तकनीकी स्वीकृति न लेकर बिना खोले ही निरस्त कर दिया गया था। अध्यक्ष ने उपयंत्रियों और सहायक यंत्री को कटघरे में खड़ा करते हुए निर्देश दिए हैं कि पीआईसी बैठकों में स्वीकृत सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति एक सप्ताह के भीतर लेकर तत्काल निविदाएं जारी की जाएं। अधिकारी कर रहे हीलाहवाली, ग्वालियर यंत्री तैयार पर गुना का अमला सुस्त श्रीमती गुप्ता ने अधिकारियों को लपेटते हुए अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पिछले 3-4 महीनों से वे निरंतर उपयंत्रियों को मौखिक निर्देश दे रही हैं, लेकिन उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने वास्तविकता उजागर करते हुए बताया कि ग्वालियर स्थित कार्यपालन यंत्री से उनकी सीधी चर्चा हुई है, जिनका कहना है कि गुना नपा का अमला ऑनलाइन या ऑफलाइन फाइल भिजवा दे, तो वे तुरंत स्वीकृति दे देंगे। इसके बावजूद गुना के तकनीकी अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्यवाही पर ध्यान न देना उनकी कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी किसी अधिकारी या कर्मचारी ने लापरवाही बरती, तो उसका प्रकरण सीधे नगरीय प्रशासन विभाग, भोपाल को दंडात्मक कार्यवाही हेतु भेजा जाएगा। सिंधिया के पत्र से मची खलबली, 18.40 करोड़ के 60 कार्यों का रास्ता साफ नपाध्यक्ष की शिकायत पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 20 मार्च को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि गुना के 37 वार्डों में रुकी हुई 18.40 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर उचित कार्रवाई की जाए। सिंधिया के इस हस्तक्षेप के बाद अब उन 60 टेंडरों पर काम शुरू होने की संभावना बढ़ गई है जो पिछले 7 महीनों से फाइलों में दबे थे। अध्यक्ष के इस कदम की वार्डवासियों और पार्षदों द्वारा सराहना की जा रही है, क्योंकि लंबे समय से वार्डों की सडक़ें, नालियां और मुक्तिधाम जैसे महत्वपूर्ण कार्य अधिकारियों की मनमानी की भेंट चढ़े हुए थे।(सीताराम नाटानी)