मुंगेली(ईएमएस)। जिले की देवगांव ग्राम पंचायत इन दिनों विकास कार्यों से ज्यादा सियासी और प्रशासनिक खींचतान को लेकर चर्चा में है। वर्तमान सरपंच योगेश पटेल और जनपद पंचायत CEO विक्रम सिंह ठाकुर के बीच विवाद इतना बढ़ गया है कि पंचायत के निर्माण कार्य भी अब विवादों के घेरे में आ गए हैं। मामले की शुरुआत पूर्व सरपंच कलेश्वरी पटेल के कार्यकाल में हुए निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर हुई। वर्तमान सरपंच योगेश पटेल का आरोप है कि जिन कार्यों के लिए भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है, वे न तो पूरी तरह जमीन पर मौजूद हैं और न ही उनके दस्तावेज पूर्ण हैं। ऐसे में भुगतान करने से इनकार करने पर उल्टे वर्तमान कार्यों की जांच शुरू कर दी गई है। सरपंच ने जिला प्रशासन को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि पिछले एक महीने से जनपद CEO द्वारा उन पर और पंचायत सचिव रामकुमार साहू पर अवैध भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही सचिव पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और मौजूदा विकास कार्यों की जांच के नाम पर दबाव बनाने की बात भी कही गई है। योगेश पटेल का कहना है कि 20 फरवरी 2026 को जारी आदेश में इन कार्यों का भुगतान पूर्व सरपंच के पक्ष में करने के निर्देश दिए गए थे, जबकि 2 मार्च 2026 को उसी कार्य को वर्तमान सरपंच के नाम पर दिखाकर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। इसे उन्होंने सीईओ और पूर्व सरपंच की कथित मिलीभगत करार दिया है। विवाद के चलते पंचायत के कई विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। इनमें वार्ड क्रमांक 2 में बोर सफाई, वार्ड 6 और 13 में पाइप पुलिया निर्माण, वार्ड 12 में नाली और चेंबर निर्माण, तथा वार्ड 13 में बोर खनन और पावर पंप स्थापना जैसे काम शामिल हैं। सरपंच का यह भी आरोप है कि जनपद CEO ने पंचायत सचिव के डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर) पर रोक लगा दी थी, जिससे वित्तीय कार्य प्रभावित हुए। हालांकि शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर यह रोक हटा दी गई है। सरपंच ने यह भी दावा किया कि जब वे अपनी शिकायत लेकर CEO के पास पहुंचे, तो उन्हें दफ्तर से बाहर कर दिया गया। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे विवाद के कारण गांव में विकास कार्य ठप हो गए हैं और पंचायत का वित्तीय ढांचा भी प्रभावित हो रहा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार सिंह ने मामले में शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच और समाधान के लिए जिला पंचायत CEO प्रभाकर पाण्डेय को निर्देश दिए हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)26 मार्च 2026