सारंगपुर (ईएमएस)। नगर पालिका सारंगपुर ने बिजली वितरण कंपनी के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री कार्यालय सहित स्थानीय बिजली विभाग के कार्यालय पर ताला जड़ दिया। यह कार्रवाई बिजली विभाग पर करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए से अधिक के बकाया कर की वसूली को लेकर की गई है। नगर पालिका की इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप की स्थिति बन गई और दोनों विभागों के बीच चल रहा विवाद खुलकर सामने आ गया। दरअसल, एक दिन पहले ही बिजली विभाग द्वारा नगर पालिका पर बकाया बिजली बिल का हवाला देते हुए शहर की स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन काट दिया गया था, जिससे रात के समय शहर के कई हिस्सों में अंधेरा छा गया और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके जवाब में नगर पालिका ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के कार्यालय को सील कर दिया। जानकारी के अनुसार, नगर पालिका पिछले कई वर्षों से बिजली विभाग से भवन कर, स्वच्छता कर और प्रकाश कर की बकाया राशि वसूलने का प्रयास कर रही थी। इस संबंध में बीते दो वर्षों में नगर पालिका द्वारा बिजली विभाग को 20 से अधिक नोटिस जारी किए गए, लेकिन विभाग द्वारा बकाया राशि जमा नहीं की गई। नगर पालिका के सीएमओ दीपक रानवे ने बताया कि बिजली विभाग पर पिछले 4 से 5 वर्षों से बड़ी कर राशि बकाया है। इस राशि को जमा कराने के लिए कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन विभाग की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने बताया कि नगर पालिका की ओर से पहले ही राशि के एडजस्टमेंट का प्रस्ताव भी दिया गया था, इसके बावजूद विभाग ने न तो बकाया राशि जमा की और न ही समन्वय दिखाया। सीएमओ के अनुसार, इसके विपरीत बिजली विभाग ने शहर की स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन काट दिया, जिससे नागरिकों को भारी असुविधा हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक बिजली विभाग बकाया कर राशि और उस पर लगने वाली पेनल्टी जमा नहीं करता, तब तक बिजली कार्यालय पर लगाए गए ताले नहीं खोले जाएंगे। नगर पालिका की इस सख्त कार्रवाई को बकाया कर वसूली के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। वहीं शहर में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बिजली विभाग इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है और दोनों विभागों के बीच यह विवाद किस तरह सुलझता है। नरेन्द्र जैन / 26 मार्च 26