:: अंगारेश्वर और सिद्धवट के मध्य निर्माणाधीन घाटों का किया निरीक्षण; वस्त्र बदलने के कक्ष और सुलभ प्रसाधन बनाने के दिए निर्देश :: इंदौर/उज्जैन (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उज्जैन में क्षिप्रा नदी पर निर्माणाधीन घाटों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अंगारेश्वर और सिद्धवट के मध्य बन रहे नए घाटों का अवलोकन किया और विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित घाटों के प्रत्येक 200 मीटर के क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने (चेंजिंग रूम) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सुविधाजनक स्थानों पर टॉयलेट और आधुनिक सुविधा घर विकसित करने को कहा, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। :: आवागमन को सुगम बनाने के निर्देश :: घाटों तक पहुंच आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्य घाटों के आसपास लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढ़ियाँ या वैकल्पिक पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। उन्होंने सिद्धवट और अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस पुल के बनने से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और श्रद्धालुओं को एक सुगम मार्ग उपलब्ध होगा। :: 5 मीटर चौड़े होंगे स्नान घाट :: परियोजना की तकनीकी जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़े घाट तैयार किए जा रहे हैं। इससे न केवल श्रद्धालुओं के आने-जाने में आसानी होगी, बल्कि उनके बैठने के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहेगा। मुख्यमंत्री ने घाटों पर बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं भी प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने के निर्देश दिए। प्रकाश/26 मार्च 2026