क्षेत्रीय
26-Mar-2026


नर्मदापुरम (ईएमएस)। केसला और पथरौटा में बाल श्रम की पहचान और विमुक्ति के लिए जिला टास्क फोर्स ने संयुक्त जन-जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान में श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू, पथरौटा थाने से आरक्षक श्री नीतेश दवंडे, केसला थाने से आरक्षक श्री दुर्गा प्रसाद, महिला एवं बाल विकास विभाग केसला से पर्यवेक्षक चेतना ढीवरे पर्यवेक्षक, वंदना देवहरे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रूपा महतो, कीर्ति चौधरी, सरोज चौधरी, सरला चौधरी, आरती चौरे, निशा सिंह केसला तथा एसजेपीयू (SJPU) इटारसी से प्रधान आरक्षक श्री भुजराम सिंह एवं श्री रोहित कुमार शामिल थे। अभियान के दौरान, संस्थानों में बाल श्रम रोकथाम संबंधी स्टीकर लगाए गए और नियोजकों को बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि 14 वर्ष तक के बालकों का किसी भी प्रकार के कार्यों में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है, और 14 से 18 वर्ष तक के किशोरों को खतरनाक श्रेणी के कार्यों में नियोजन करना कानूनन अपराध है। उल्लंघन पाए जाने पर दोषी नियोजक को न्यूनतम छह माह से अधिकतम दो वर्ष तक का कारावास अथवा न्यूनतम 20,000 से अधिकतम 50,000 तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जाने का प्रावधान है। ईएमएस/राजीव अग्रवाल/ 26 मार्च 2026