नई दिल्ली (ईएमएस)। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फैफ डु प्लेसी ने भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा कोच गौतम गंभीर की तीखी प्रतिस्पर्धात्मक भावना की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि गंभीर का यही आक्रामक रवैया उन्हें कई बार विरोधियों की नजर में “कहानी का खलनायक” बना देता है, लेकिन उनकी टीम के लिए यही सबसे बड़ी ताकत साबित होता है। डु प्लेसी ने बताया कि जब आप गंभीर के खिलाफ खेलते हैं, तो उनकी ऊर्जा और जुनून उन्हें अलग बनाते हैं। वह ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं होती कि लोग उन्हें पसंद करते हैं या नहीं। उनका पूरा ध्यान सिर्फ जीत और टीम के प्रदर्शन पर रहता है। यही वजह है कि वह एक मजबूत लीडर के रूप में उभरते हैं और ड्रेसिंग रूम में उच्च मानक स्थापित करते हैं। गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाईट राईडर ने 2012 और 2014 में आईपीएल खिताब जीते थे। इसके अलावा, मेंटोर के रूप में उनके मार्गदर्शन में टीम ने 2024 में तीसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। डु प्लेसी का मानना है कि यह सफलता केवल खिलाड़ियों की वजह से नहीं, बल्कि नेतृत्व की स्पष्ट सोच और अनुशासन का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि एक कप्तान के रूप में जब आप गंभीर के खिलाफ मैदान में उतरते हैं, तो स्वाभाविक रूप से उन्हें हराने की इच्छा होती है, लेकिन साथ ही उनके नेतृत्व और उच्च मानकों का सम्मान भी किया जाता है। यही गुण उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनाता है। डु प्लेसी ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट में नेतृत्व की व्यापक भूमिका पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, टीम की सफलता केवल कप्तान पर निर्भर नहीं होती, बल्कि इसमें मालिक, कोच और टीम मैनेजमेंट की भी अहम भूमिका होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाईट राईडर जैसी सफल टीमों का जिक्र किया, जहां मजबूत नेतृत्व समूह ने निरंतर सफलता दिलाई। डु प्लेसी ने कप्तान और कोच के बीच तालमेल को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि यदि कप्तान मजबूत हो तो वह टीम को दिशा देता है, लेकिन अगर ऐसा नहीं है, तो कोच को नेतृत्व की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि गौतम गंभीर ने कोच और मेंटोर दोनों भूमिकाओं में खुद को बेहद प्रभावी साबित किया है, जो किसी भी टीम की सफलता की कुंजी होती है। डेविड/ईएमएस 27 मार्च 2026