क्षेत्रीय
28-Mar-2026
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- लोकायुक्त ने दबोच लिया इन्दौर (ईएमएस) योजनाबद्ध तरीके से आयोजित की गई एक ट्रैप कार्रवाई में इन्दौर लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने 7 हजार की रिश्वत लेते एएसआई को रंगेहाथों पकड़ा। थाने में आई एक शिकायत के निवारण हेतु एएसआई ने फरियादी से पहले 20 हजार रुपए मांगें दे लेकिन सौदा 7 हजार में डन हुआ। फरियादी ने इसकी शिकायत इन्दौर लोकायुक्त को की जिसके सत्यापन के बाद शिकायत सही पाई जाने पर लोकायुक्त पुलिस ने योजना बना एक ट्रैप कार्रवाई हेतु फरियादी को तैयार किया और रिश्वत लेने हेतु आरोपी एएसपी को बस स्टैंड बुलाया। शातिर रिश्वतखोर एएसआई भी एहतियातन थाने से बस स्टैंड बाइक पर पहुंचा और वहां कोई देख नहीं सके, इसलिए फरियादी की कार में बैठ गया। परन्तु वो लोकायुक्त पुलिस की नजर से बच नहीं सका और जैसे ही उसने कार में पैसे लिए तभी कार के बाहर लोकायुक्त टीम ने उसे घेर लिया। हालांकि एएसआई ने लोकायुक्त टीम को देखकर कार से नीचे उतर भागने की कोशिश की किंतु टीम ने उसे दबोच लिया। रिश्वतखोर आरोपी का नाम रवीन्द्र कुमार गुरु उम्र पचपन वर्ष है और वह कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर थाना कसरावद (खरगोन) में पदस्थ है। लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश कुमार सहाय के अनुसार आरोपी एएसआई को खेती का व्यवसाय करने वाले फरियादी श्यामलाल उपाध्याय उम्र उनहत्तर साल निवासी ग्राम चंदावड भगवानपुरा (खरगोन) की शिकायत पर पकड़ा। उसने थाने में आई एक शिकायत का निराकरण करने के लिए फरियादी से 20 हजार रुपए की मांग की थी। सौदा सात हजार रुपए में तय हुआ था। आरोपी एएसआई रवीन्द्र कुमार माता चौक जसवाड़ी रोड खंडवा का मूल निवासी होकर थाना कसरावद (खरगोन) में पदस्थ है। लोकायुक्त एस पी के अनुसार फरियादी श्यामलाल उपाध्याय के विरुद्ध कसरावद निवासी राजेश बागदरे ने थाना कसरावद में जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। जिसके निराकरण के लिए आरोपी एएसआई ने फरियादी श्यामलाल से 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। इस पर फरियादी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त एसपी डॉ. सहाय से की थी। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त इंस्पेक्टर सचिन पटेरिया, इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव व अन्य की टीम गठित की गई और योजनानुसार आरोपी एएसआई रवीन्द्रकुमार गुरू को फरियादी ने बताया कि वह पैसे लेकर आ गया है। इस पर आरोपी एएसआई ने उसे कसरावद बस स्टैंड पर बुलाया और उसके बाद वह थाने से बाइक पर आया और बाइक एक तरफ खडी कर फरियादी की कार में बैठ गया। फरियादी ने जैसे ही उसे सात हजार रुपए दिए, वैसे ही लोकायुक्त टीम वहां पहुंच गई जिसे देख वह हक्का बक्का रह गया और कार से उतर कर फुर्ती से जाने लगा तभी टीम ने उसे धरदबोचा। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। आनंद पुरोहित/ 28 मार्च 2026