अंतर्राष्ट्रीय
28-Mar-2026


सिडनी (ईएमएस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से ऑस्ट्रेलिया भी प्रभावित हुआ है। तेल संकट जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियाई सरकार कदम उठा रही है। इसी क्रम में सरकार ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से प्रभावित आवश्यक वस्तुओं की खरीद को सुरक्षित करने के लिए नए ईंधन सुरक्षा उपायों की घोषणा की है। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज और ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने सिडनी में पत्रकारों को बताया कि सरकार सोमवार को संघीय संसद में एक विधेयक पेश करेगी। यह विधेयक मौजूदा निर्यात क्रेडिट एजेंसी को निजी क्षेत्र की ओर से ईंधन, उर्वरक और अन्य जरूरी चीजों की खरीद की गारंटी देने की अनुमति देगा। अल्बानीज ने कहा, “सीधे शब्दों में कहें तो, हम ‘एक्सपोर्ट फाइनेंस ऑस्ट्रेलिया’ का इस्तेमाल करके जहाजों में भरकर आने वाले ईंधन की खरीद की गारंटी देंगे। इससे ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की आपूर्ति बढ़ेगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से मिलने वाला यह समर्थन कोई सामान्य कारोबारी प्रक्रिया नहीं होगी। इसके तहत सिर्फ वही अतिरिक्त आपूर्ति शामिल होगी, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इन नए उपायों से उन आयातकों का वित्तीय जोखिम कम होगा जो अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की रिपोर्ट के अनुसार, ये उपाय ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब पूरे ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और क्षेत्रीय इलाकों में इसकी भारी किल्लत हो रही है। बोवेन ने बताया कि शनिवार तक ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय भंडार में 39 दिनों का पेट्रोल, 30 दिनों का डीजल और 30 दिनों का जेट ईंधन मौजूद था। इससे पहले, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने शुक्रवार को कहा कि अल्पावधि में ऑस्ट्रेलिया की ईंधन आपूर्ति की स्थिति अच्छी नजर आ रही है, लेकिन आने वाले महीनों में हालात और भी मुश्किल हो सकते हैं। देश के सामने गहराते ईंधन संकट को लेकर कैनबरा स्थित संसद भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अल्बानीज ने कहा कि सरकार ‘दिन-रात काम कर रही है’, ताकि एक मजबूत योजना तैयार की जा सके और भविष्य में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार व तत्पर रहा जा सके। सुबोध/२८ -०३-२०२६