राज्य
29-Mar-2026
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राज्यपाल ने दिव्यांगजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ राज्यपाल ने 11 आत्मनिर्भर दिव्यांगों का किया सम्मान भोपाल(ईएमएस)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों से प्रेरणा प्राप्त करने की पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक दूरदर्शी नेता और अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व हैं, जिन्हें ईश्वर ने समानुभूति और सहानुभूति की दिव्य भावनाएँ प्रदान की हैं। यह उनका नेतृत्व है, जिसने शारीरिक कमियों को देखने की समाज की सोच को ‘दिव्यांग’ की उपमा से विशिष्ट क्षमताओं को पहचानने में परिवर्तित किया है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम नवाचार और चुनौतियों का आगे बढ़कर सामना करने की सकारात्मक सोच निर्माण की अभूतपूर्व पहल है। राज्यपाल पटेल ने यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कही। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण रविवार को अंजनी सभागार, रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित किया गया था। राज्यपाल ने कार्यक्रम में आत्मनिर्भर 11 दिव्यांगों को सम्मानित किया। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन ‘उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा विशेष बच्चों के लिए संचालित ‘उमंग विशेष विद्यालय’ की 20वीं वर्षगाँठ पर किया गया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तुतियाँ दिव्यांगों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की दिव्यता का प्रमाण हैं, जो यह दर्शाती हैं कि शारीरिक सीमाएँ हौसलों को रोक नहीं सकतीं। सामान्य जन, जो मामूली बातों में निराश हो जाते हैं, उनके लिए ये प्रस्तुतियाँ प्रेरणा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि देश की प्रगति के लिए समाज में समान अवसर, सहयोग और परस्पर सम्मान की सामूहिक भावना आवश्यक है। राज्यपाल कहा कि प्रधानमंत्री ने दिव्यांग भाई-बहनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की हैं। सार्वजनिक भवनों, परिवहन और सूचना तंत्र तक दिव्यांगजनों की सुलभ और बाधा-मुक्त पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘सुगम्य भारत अभियान’ चलाया गया है। ‘सुगम्य भारत’ अभियान न केवल भौतिक सुविधाओं की उपलब्धता, बल्कि समाज के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव और समावेशी सोच के विकास का भी प्रयास है। राज्यपाल पटेल ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पूर्व ‘आत्मनिर्भर दिव्यांग सम्मान’ से बौद्धिक, शारीरिक निःशक्तता, श्रवण बाधित, डाउन सिंड्रोम, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम तथा दृष्टि बाधित दिव्यांगों को सम्मानित किया। सम्मानितों में मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग में कार्यरत सुश्री प्रिया शर्मा, अमित मुरजानी, जीएसटी विभाग में कार्यरत शुभम मेहरा, लोकभवन में कार्यरत अजय सैनी, संस्कृति विभाग में कार्यरत सुश्री मधु तिवारी, शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षिका श्रीमती प्रियंका विश्वकर्मा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में कार्यरत प्रथम आईआईटी शिक्षित दिव्यांग प्रखर कुमरावत, ताज लेक फ्रंट में कार्यरत सुश्री स्तुति नितिन जोशी, अमेरिकन बैंक में कार्यरत अमन बुंदेला, गायिका सुश्री रूचिका पांडेय तथा क्याकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ी सुश्री पूजा गर्ग शामिल थीं। दिव्यांग बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना, ‘इचक दाना बीचक दाना’ गीत और ‘डूबी-डूबी’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल का स्वागत पौधा एवं शाल भेंट कर किया गया। स्मृति-चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया गया। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संचालिका श्रीमती दीप्ति पटवा द्वारा स्वागत उद्बोधन में बताया गया कि संस्था द्वारा दिव्यांगजनों की शिक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। ‘मन की बात – उमंग के साथ’ कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, सेज समूह के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल और रविन्द्र यति मंचासीन थे। हरि प्रसाद पाल / 29 मार्च, 2026

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देवघर(ईएमएस)।गैस की किल्लत ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं देवघर में एक संस्था मुश्किल हालात में भी सेवा का दीप जलाए हुए है।सदर अस्पताल परिसर में श्रील फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहा है।वर्ष 2020 से शुरू इस पहल के तहत संस्था हर दिन सुबह और शाम मिलाकर करीब 300 लोगों को मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन करा रही है।इन दिनों गैस की भारी किल्लत के कारण भोजन बनाना चुनौती बन गया है लेकिन फाउंडेशन से जुड़ी महिलाओं ने हार नहीं मानी।अब लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाकरई सेवा को लगातार जारी रखा जा रहा है। संस्था ने बताया कि फिलहाल भोजन करने वालों को सामान्य पानी पिलाया जा रहा है। ऐसे में बैंकों और बड़े संस्थानों से अपील की गयी है कि यहां एक आरओ सिस्टम लगवाने में सहयोग करें, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल भी मिल सके।फाउंडेशन ने शहरवासियों, दानदाताओं और संस्थानों से खाद्य सामग्री और आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि यह सेवा निरंतर चलती रहे।संस्था के सचिव राकेश वर्मा ने क