-अब तक ईरान पर दागी 850 मिसाइलें, एक टॉमहॉक बनाने में लगते हैं दो साल वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका ने बड़े पैमाने पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इसे अमेरिकी हथियारों के जखीरे का अहम हथियार माना जाता है। मीडिया के मुताबिक चार हफ्तों में 850 से ज्यादा मिसाइलें दागी गईं। अनुमान है कि अमेरिकी नौसेना के पास करीब 4,000 टॉमहॉक मिसाइलें थीं। अगर यह सही माना जाए तो अमेरिका के पास टॉमहॉक मिसाइलों का करीब एक चौथाई हिस्सा खत्म हो चुका है। रक्षा मंत्रालय के भीतर इसको लेकर चिंता बढ़ गई है। एक टॉमहॉक मिसाइल बनाने में करीब 2 साल लग सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस कमी पूरा करने में कई साल लगेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक टॉमहॉक अमेरिका की खास क्रूज मिसाइल है। यह 1,000 मील तक उड़कर 1,000 पाउंड विस्फोटक सटीक निशाने पर गिरा सकती है। इसके एडवांस वर्जन की रेंज 2500 किमी है। टॉमहॉक का बड़े पैमाने पर पहला इस्तेमाल 1991 के खाड़ी युद्ध में हुआ। अमेरिका ने इराक पर दूर से सैकड़ों मिसाइलें दागीं। इसे रिमोट वार कहा गया, क्योंकि पहली बार इतनी सटीक और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें इस्तेमाल हुईं। टॉमहॉक को समुद्र में मौजूद युद्धपोतों और पनडुब्बियों से भी दागा जा सकता है, जिससे दुश्मन के इलाके में घुसे बिना हमला संभव हो जाता है। बता दें अमेरिका-इजराइल बीते एक महीने से ईरान पर हमले कर रहे हैं। यह पूरी तरह ‘स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक’ है यानी हमला इतनी दूर से किया गया कि अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के पास फिलहाल 4000 के करीब टॉमहॉक मिसाइलें हैं। यूरोप, मिडिल ईस्ट और एशिया में बढ़ते खतरों के बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को टॉमहॉक मिसाइलों की बहुत जरूरत है। अगर युद्ध लंबा चला, तो अमेरिका के पास अपने उपयोग के लिए भी टॉमहॉक खत्म हो सकते हैं, सहयोगियों को देना मुश्किल होगा। अमेरिका टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का उत्पादन बहुत सीमित मात्रा में करता है। मौजूदा क्षमता के मुताबिक एक साल में करीब 600 टॉमहॉक मिसाइलें बनाई जा सकती हैं। एक टॉमहॉक की लागत करीब 36 लाख डॉलर है, जिससे तेज इस्तेमाल ने सप्लाई पर दबाव बढ़ाया है। समस्या यह है कि एक टॉमहॉक बनने में करीब 2 साल लगते हैं, इसलिए ऑर्डर के बाद तुरंत उपलब्ध नहीं होती। यही वजह है कि जब युद्ध में इनका तेजी से इस्तेमाल होता है, जैसे अभी ईरान संघर्ष में हुआ, तो स्टॉक जल्दी घट जाता है और उसे भरने में कई साल लग सकते हैं। सिराज/ईएमएस 30 मार्च 2026