वॉशिंगटन (ईएमएस)। हाल ही में वॉशिंगटन में आयोजित हिल एंड वैली फोरम में वरिष्ठ नेताओं ने चीन की तकनीकी बढ़त को रोकने के लिए बहुआयामी रणनीति पर जोर दिया। इस रणनीति में सख्त एक्सपोर्ट कंट्रोल, घरेलू निवेश को बढ़ावा और सहयोगी देशों के साथ मजबूत तालमेल शामिल है। अमेरिका और चीन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा अब केवल तकनीकी दौड़ नहीं रह गई है, बल्कि इसे एक “नैतिक संघर्ष” के रूप में भी देखा जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान तेज हुई इस रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर अमेरिकी सांसदों ने गंभीर चिंता जताई है और इसे वैश्विक शक्ति संतुलन व आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा अहम मुद्दा बताया है। रिपब्लिकन सीनेटर जिम बैंक्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रतिस्पर्धा को सीधे भू-राजनीतिक संदर्भ में रखते हुए कहा कि यह एक नए “शीत युद्ध” जैसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका को हर हाल में इस दौड़ में आगे रहना होगा और चीन को इसमें जीतने नहीं देना चाहिए। बैंक्स ने ट्रंप प्रशासन के एआई एक्शन प्लान का हवाला देते हुए बताया कि इसमें चीन और अन्य प्रतिद्वंद्वी देशों को उन्नत सेमीकंडक्टर चिप्स तक पहुंच से रोकने के लिए कड़े निर्यात नियंत्रण प्रस्तावित हैं। उन्होंने अपने प्रस्तावित ‘गेन एआई एक्ट’ का भी जिक्र किया, जिसका उद्देश्य इन प्रतिबंधों को और सख्त बनाना है। यह विधेयक राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम के हिस्से के रूप में सीनेट में पारित हो चुका है। बैंक्स के अनुसार, अमेरिका को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी तकनीक उसके विरोधियों को मजबूत न करे। इस मुद्दे पर हाउस सिलेक्ट कमेटी ऑन चाइना के चेयरमैन जॉन मूलेनार ने भी कड़े रुख की जरूरत पर बल दिया। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि पारंपरिक रूप से अमेरिका मुक्त व्यापार और नवाचार की स्वतंत्रता का समर्थक रहा है, लेकिन चीन के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए अब नई रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले को जीतने के लिए “रक्षा जैसी सोच” जरूरी है, जिसमें हर संभव संसाधन का उपयोग किया जाए। मूलेनार ने सप्लाई चेन में चीन पर अमेरिका की निर्भरता को बड़ी कमजोरी बताते हुए चेताया कि इससे रणनीतिक जोखिम बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो प्रतिद्वंद्वी देश अमेरिकी तकनीक का इस्तेमाल अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। ऐसे में मजबूत नियंत्रण, सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने और कुशल कार्यबल विकसित करने की जरूरत है। यह प्रतिस्पर्धा अब बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र में भी तेज हो रही है। नेशनल सिक्योरिटी कमीशन ऑन इमर्जिंग बायोटेक्नोलॉजी के चेयरमैन टॉड यंग ने इस क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उभरती तकनीकों में बढ़त बनाए रखने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। सुदामा/ईएमएस 30 मार्च 2026