राष्ट्रीय
30-Mar-2026
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-अब यात्रियों को खिड़की वाली सीट के लिए नहीं देना होगा अतिरिक्त चार्ज -डीजीसीए के आदेश के खिलाफ लांमबंद हुई सभी एयरलाइन कंपनियां नई दिल्ली,(ईएमएस)। सिविल एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने नया सर्कुलर जारी किया है, इसके तहत देश की सभी एयरलाइन कंपनियों को 20 अप्रैल 2026 से हर उड़ान में करीब 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के उपलब्ध करने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य एयर यात्रा को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और किफायती बनाना है। डीजीसीए ने 20 मार्च 2026 को संशोधित एयर ट्रांसपोर्ट सर्कुलर जारी किया है, जो 20 अप्रैल 2026 से लागू होगा। सर्कुलर के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं देश की हर एयरलाइन उड़ान में न्यूनतम 60 प्रतिशत सीटें मुफ्त उपलब्ध कराएगी। एयरलाइनों को अपनी सीट आवंटन नीति पूरी तरह पारदर्शी बनानी होगी। बुकिंग वेबसाइट या एप पर मुफ्त सीटों की उपलब्धता और शर्तों को स्पष्ट रूप से दिखाना होगा है। एक ही पीएनआर में बुक किए गए यात्रियों को संभव हो तो एक साथ बैठाया जाए। वर्तमान में अधिकतर एयरलाइंस केवल करीब 20 प्रतिशत सीटें ही बिना अतिरिक्त शुल्क के देती हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए यात्रियों को 200 से 2,100 तक अतिरिक्त भुगतान करना होता है। ये शुल्क सीट की स्थिति जैसे फॉरवर्ड सीट, एक्स्ट्रा लेगरूम, विंडो सीट आदि पर आधारित होते हैं। यात्रियों की शिकायतें और विरोध के बढ़ने पर डीजीसीए ने फैसला किया कि सभी यात्रियों को समान अवसर और स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। सर्कुलर में एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि स्पोर्ट्स गियर, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स या अन्य वैकल्पिक सेवाओं के सभी शुल्क पूरी स्पष्टता के साथ वेबसाइट और बुकिंग प्लेटफॉर्म पर दिखाना होगा। यात्रियों को संभावित नुकसान या जिम्मेदारी के मामलों में एयरलाइंस की जिम्मेदारियों की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। यह निर्देश जारी होने के 30 दिनों के भीतर लागू हो जाएगा। हालांकि यह नियम यात्रियों के हित में है, एयरलाइंस कंपनियां ने इसका कड़ा विरोध किया है। इन एयरलाइंस का कहना है अगर 60 प्रतिशत सीटें मुफ्त करनी पड़ें, तब राजस्व में गिरावट आएगी। इस घाटे की भरपाई के लिए टिकट किराया बढ़ाना पड़ेगा। तीनों एयरलाइंस ने फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) के माध्यम से सिविल एविएशन मंत्रालय को 20 मार्च को पत्र लिखकर निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। आशीष दुबे / 30 मार्च 2026