नई दिल्ली (ईएमएस)। कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के लिए 284 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी का कहना है कि वह बंगाल की सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी, कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ ही पश्चिम बंगाल के लिए प्रभारी गुलाम अहमद मीर भी इस बैठक में थे जिन्होंने बाद में कहा कि कांग्रेस बंगाल में एक भी सीट खाली नहीं छोड़ेगी। यही वजह है कि कांग्रेस ने ममता बनर्जी के भवानीपुर से प्रदीप प्रसाद को मैदान में उतारा है। कांग्रेस के दो महत्वपूर्ण उम्मीदवारों में बहरामपुर से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी और टीएमसी की पूर्व राज्यसभा सांसद मौसम नूर को मालदा के मालतीपुर से उम्मीदवार बनाया है।यहां पर याद दिलाना जरूरी है कि पश्चिम बंगाल से कांग्रेस के एकमात्र सांसद मालदा दक्षिण से ईशा खान चौधरी हैं जो मौसम नूर के चचेरे भाई भी हैं।दोनों पश्चिम बंगाल के कांग्रेस के बड़े नेता रहे अब्दुल गनी खान चौधरी के परिवार से आते हैं। पिछले 20 सालों में कांग्रेस कभी तृणमूल तो कभी वामदलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ती रही है मगर अब कांग्रेस ने क्षेत्रीय दलों वाले राज्यों में अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।एक वक्त था जब 1950 के बाद से 1977 तक कमोबेश कांग्रेस का ही मुख्यमंत्री रहा, फिर ज्योति बसु और बुद्धदेव भट्टाचार्य 2011 तक मुख्यमंत्री रहे और तब से लेकर ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं। 2016 में कांग्रेस के पास 44 विधायक थे जो 2021 में तेजी से घटकर एक रह गया। उनका वोट प्रतिशत भी 3 प्रतिशत रह गया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पश्चिम बंगाल में पार्टी को पुनर्जीवित करने की लंबी प्रक्रिया की तरफ ये पहला कदम है, जहां हम ऐकला चलो रे की रणनीति पर काम कर रहे हैं।इससे हमें अपने कार्यकर्ताओं में हौसला बढ़ाने में मदद मिलेगी उन्हें अपने घरों से निकलना होगा।कांग्रेस का कहना है कि बंगाल में उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है। यहां घाटे का सवाल ही नहीं है।जो भी मिलेगा वो मुनाफा ही माना जाएगा। सुबोध/३०-०३-२०२६