झांसी(ईएमएस )रेल मंडल में भविष्य को देखते हुए और बढ़ती हुई ट्रेन संख्या के कारण OHE क्षमता, OHE वायर आदि को बदलने का काम शुरू किया जा रहा है। रेल मंत्री से स्वीकृति मिलने के बाद यह काम शुरू हो रहा है इससे वोल्टेज जैसी समस्याओं से भी निजात मिलेगी। 403 करोड़ की परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद अब झांसी से गोविंदपुरी रेलखंड पर ओवरहेड इक्विपमेंट लाइन की क्षमता बढ़ाई जाएगी। रेलवे ने इस पर काम भी शुरू करने की तैयारी कर ली है। क्षमता बढ़ जाने से वोल्टेज व अन्य छोटी समस्याओं का भी निदान हो जाएगा। वर्तमान में झांसी से गोविंदपुरी रेलखंड पर 25 kv विद्युतकर्षण प्रणाली के माध्यम से ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। भविष्य में ट्रेन की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस प्रणाली को दुगना करने की योजना है। इसके लिए बिजली घरों और ट्रैक किनारे स्थित उप विद्युत केंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर भी लगाए जाएंगे ताकि विद्युत आपूर्ति की क्षमता बढ़ाई जा सके। झांसी मानिकपुर रेलवे ट्रैक पर भी लगभग 40 साल पुराने OHE वायरों को बदल जाएगा उसके स्थान पर अब ज्वांइटलेस कांटेक्टलेस वायर लगाये जाएंगे।इससे रेल यातायात को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कुछ स्थानों पर तो कार्य प्रारंभ भी हो गया है। काफी बर्ष पहले जब इस रेलवे ट्रैक पर कार्य किया गया था तब पुरानी टेक्नोलॉजी की वजह से 1500 मी OHE वायर की लंबाई में कई जगह पर ब्रेजिंग जॉइंट लगाए गए थे इसी वजह से OHE वायर टूटने की शिकायत भी अक्सर आती रहती थी। जिससे रेल यातायात काफी बाधित होता था लेकिन अब नई तकनीक के कारण इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी। इस बारे में अनिरुद्ध कुमार मंडल रेल प्रबंधक का कहना है कि इस परियोजना से रेल परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उच्च गति की यात्री ट्रेन और मालगाड़ियों के संचालन में भी सुगमता आएगी विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता भी बेहतर होगी। यह परियोजना अप और डाउन ट्रैक मिलाकर कुल 426 ट्रैक किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी। वर्ष 2026 27 तक यह पूरा रेल खंड ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली से भी लैस हो जाएगा जिससे इस खंड पर ट्रेन का संचालन और अधिक बढ़ाया जा सकेगा।शरद शिवहरे /ईएमएस /31मार्च