राज्य
31-Mar-2026


-तीसरी बार तारीख बदलने से उठे सवाल, कांग्रेस का आरोप—किसानों को कर्ज लेने पर मजबूर कर रही सरकार भोपाल,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब प्रदेश के कई संभागों में खरीदी 1 अप्रैल के बजाय 10 अप्रैल से शुरू होगी। गेंहूं खरीदी की बार-बार बढ़ती तारीख ने अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे लेकर अब कांग्रेस ने कहना शुरु कर दिया है कि सरकार ऐसा करके किसानों को कर्ज लेने के लिए मजबूर कर रही है। अब एक बार फिर बदले हुए सरकारी फैसले के अनुसार, भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में 10 अप्रैल से गेहूं उपार्जन शुरू होगा, जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से प्रारंभ की जाएगी। यह निर्णय गेहूं खरीदी के लिए गठित कैबिनेट मंत्रियों की समिति द्वारा लिया गया है। गौरतलब है कि यह तीसरी बार है जब खरीदी की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले 1 फरवरी से खरीदी शुरू होनी थी, जिसे बाद में 16 मार्च किया गया। इसके बाद 1 अप्रैल की तारीख तय हुई, लेकिन अब इसे फिर बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दिया गया है। लगातार हो रहे बदलाव के पीछे वारदाने (बोरी) की कमी को मुख्य कारण बताया जा रहा है। किसान कर्ज लेने को मजबूर: मुकेश नायक इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि बार-बार तारीख बढ़ने से किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल से विवाह मुहूर्त शुरू हो रहे हैं और किसानों के घरों में भी शादियां हैं, लेकिन गेहूं की बिक्री न होने के कारण उन्हें खर्च के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि खुले बाजार में गेहूं का दाम समर्थन मूल्य से करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहा है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कांग्रेस ने की जल्द खरीदी शुरु करने की मांग कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द गेहूं खरीदी शुरू की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। वहीं, सरकार का कहना है कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर तय नई तारीख से खरीदी सुचारु रूप से शुरू की जाएगी। जमीनी स्तर पर देखा जा रहा है कि बदलती तारीखों के कारण किसानों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है, जिससे उनमें आक्रोष भी पनप रहा है। हिदायत/ईएमएस 31मार्च26